अमित शाह का कच्छ सीमा दौरा: सीमाई सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा
भुज। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को गुजरात के कच्छ जिले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जहां उन्होंने भारत-पाकिस्तान सीमा के दलदली क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरे का उद्देश्य सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की तैयारियों की गहराई से जांच कर सीमा पर निरंतर बनी चुनौतियों का समाधान खोजना था।
सुबह अमित शाह ने बॉर्डर आउटपोस्ट जी-7 का उद्घाटन किया, जो भुज के निकट स्थित है। इस मौके पर उन्होंने बीएसएफ के जवानों से संवाद स्थापित कर उनकी चुनौतियों और आवश्यकताओं को समझा।
इसके बाद गृह मंत्री ने ओपी टावर-1170 के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया, जहां उन्होंने पीटीजेड सर्विलांस कैमरों से लाइव फीड को देखा। इन उन्नत निगरानी उपकरणों का उपयोग कच्छ के दलदली और कठिन भू-भाग में सीमा सुरक्षा के लिए किया जाता है, जो इस इलाके की सुरक्षा को और मजबूत बनाते हैं।
दोपहर में अमित शाह हरामी नाला क्षेत्र पहुंचे, जो गुजरात के रण के कच्छ में सर क्रीक के पास स्थित एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यहां उन्होंने क्रीक के जटिल जलमार्गों का जायजा लिया और जेट्टी प्वाइंट पर पौधरोपण में भाग लिया। यह क्षेत्र सुरक्षा के दृष्टिकोण से चुनौतीपूर्ण है क्योंकि यहां घुसपैठ, तस्करी और संदिग्ध नौकाओं की आवाजाही की संभावना बनी रहती है।
शाम को मंत्री ने बीएसएफ सेक्टर मुख्यालय में सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर एक बैठक की अध्यक्षता की। इसमें बीएसएफ की उच्चस्तरीय टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए, जो सैनिक तैयारियों एवं समन्वय को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की।
अमित शाह का यह दौरा उनके बहुराज्यीय सीमा दौरे का हिस्सा है, जिसमें राजस्थान, गुजरात, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा में सुधार, निगरानी प्रौद्योगिकियों का विकास और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
सप्ताह की शुरुआत में उन्होंने राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया था, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने तथा सतर्कता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया था।