सरकारी स्कूलों में बारहवीं के परीक्षा परिणाम में आई गिरावट को लेकर शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस भेजे जा रहे हैं। स्कूल प्राचार्यों की ओर से भेजे जा रहे इन नोटिस में खराब परिणामों पर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। खराब परिणाम के लिए स्पष्टीकरण देते हुए भविष्य में सुधारात्मक कदमों की जानकारी भी देने को कहा गया है। शिक्षकों का आरोप है कि ऑन स्क्रीन मार्किंग स्कीम की खामियों के कारण परिणाम प्रभावित हुए, इसका दोष शिक्षकों पर थोपा जा रहा है।
स्कूल प्राचार्यों की ओर से दिए जा रहे कारण बताओ नोटिस के खिलाफ सरकारी स्कूल शिक्षक संघ (जीएसटीए ) ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद को पत्र लिखकर सभी नोटिस तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। जीएसटीए ने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों को दंडात्मक माहौल के बजाय सहयोगात्मक और तनावमुक्त कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे कि वे आगामी शैक्षणिक सत्र में छात्रों का और बेहतर मार्गदर्शन कर सकें।

