ग्रेनो वेस्ट से लेकर ग्रेटर नोएडा की सोसाइटियों में लगातार मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाया जा रहा है। इसके विरोध में निवासी सड़क पर उतर रहे है। रविवार को ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज-1 और ग्रेटर नोएडा की गोदरेज गोल्फ लिंक के क्रेस्ट विला सोसाइटी के निवासियों ने बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। इको विलेज-1 निवासियों ने लिखित आश्वासन के बाद भी मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने का आरोप लगाया है। वहीं क्रेस्ट विला सोसाइटी के निवासियों ने महंगा शुल्क लेने के बाद भी सुविधा नहीं देने का आरोप लगाया है। दोनो सोसाइटियों के निवासियों ने बढ़ी दरें वापस लेने की मांग की है।
किराये से भी महंगा पड़ रहा सोसाइटी का मेंटेनेंस शुल्क
गोदरेज गोल्फ लिंक के क्रेस्ट विला सोसाइटी के निवासियों ने रविवार को बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। निवासियों ने बताया कि सोसाइटी में 308 विला है। इनका मेंटेनेंस शुल्क 15,000 से 42,000 रुपये प्रति माह है। जो शहर के अन्य सेक्टरों के मकानों के किराये से भी ज्यादा है। जबकि यहां पर वैसी सुविधाएं नहीं मिल रही है। पहले मेंटेनेंस शुल्क 6.06 रुपये प्रति वर्ग फुट था, लेकिन एक अप्रैल से इसे बढ़ाकर करीब 7 रुपये कर दिया गया है। वहीं जनरेटर के पावर बैकअप का शुल्क भी 29 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है। आरोप है कि इतना मेंटेनेंस शुल्क लेने के बाद भी सुरक्षा, कूड़ा निस्तारण, बागवानी जैसी सुविधाएं संतोषजनक नहीं है। गोल्फ कोर्स का रखरखाव भी निवासियों के मेंटेनेंस शुल्क से किया जा रहा है जबकि प्रवेश नहीं दिया जाता है। मेंटेनेंस शुल्क के खर्च का कोई हिसाब किताब नहीं दिया जाता है। सोसाइटी में आरडब्ल्यूए बन चुकी है। बिल्डर को रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपने की मांग की है। कहा बार-बार अनुरोध के बाद भी नियमों के तहत आरडब्ल्यूए को रखरखाव की जिम्मेदारी नहीं दी गई। निवासियों ने प्रशासन व प्राधिकरण जांच कराने की मांग की है।
लिखित आश्वासन के आठ माह बाद ही बढ़ा दिया मेंटेनेंस शुल्क
ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज-1 सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी में लगातार समस्याएं बढ़ती जा रही है। अब मेंटेनेंस एजेंसी ने रखरखाव शुल्क बढ़ा दिया है। 29 मई को मेंटेनेंस शुल्क में 89 पैसे प्रति वर्ग फुट की वृद्धि का नोटिस जारी किया गया। नई दर एक जून से लागू होंगी। इसका निवासियों में विरोध है। निवासी संजय शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 में आईआरपी और बिल्डर ने पुरानी एजेंसी को हटाकर वाईजी फैसिलिटी एजेंसी को जिम्मेदारी दी थी। तब निवासियों को ई-मेल के माध्यम से लिखित आश्वासन दिया गया था कि एजेंसी 2.36 प्रति वर्ग फुट की दर पर ही मेंटेनेंस सेवा देगी, लेकिन 8 माह बाद ही मेंटेनेंस शुल्क बढ़ा दिया। जो अनुचित है। आरोप है कि मेंटेनेंस सुविधा भी अच्छी नहीं है। बिजली, सुरक्षा, पार्किंग, क्लब, कूड़ा निस्तारण और लिफ्ट जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी रोजाना संघर्ष करना पड़ता है। निवासियों ने एजेंसी कार्यालय का घेराव कर वृद्धि को वापस लेने की मांग की है चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो एजेंसी को हटाने की कार्रवाई करेंगे। वहीं डीएम और प्राधिकरण के सीईओ को पत्र लिखकर मदद की मांग की है।

