आप नेता सौरभ भारद्वाज पर FIR दर्ज, जनकपुरी रेप केस में पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने जनकपुरी क्षेत्र में तीन साल की बच्ची के साथ हुए बलात्कार मामले में पीड़िता की पहचान उजागर करने के आरोप में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामला अभी जांच के अधीन है।
जानकारी के मुताबिक, जनकपुरी के एक स्कूल परिसर में बीते महीने एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित यौन अपराध की घटना हुई थी। इस मामले को लेकर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर तीव्र प्रतिक्रिया सामने आई। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर सक्रिय भूमिका निभाई और पीड़िता की स्थिति पर चर्चा की।
उन्होंने ‘एक्स’ प्लेटफॉर्म पर कहा था कि इस हृदयविदारक अपराध का आरोपी स्कूल का 57 वर्षीय वरिष्ठ अधिकारी है। इसके अलावा, उन्होंने स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर आरोप लगाया कि वे मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी टिप्पणियों में यह भी शामिल था कि पीड़िता के परिवार को एम्स में दोबारा मेडिकल जांच कराने में पुलिस बाधा डाल रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सौरभ भारद्वाज ने इस मामले में पीड़िता की पहचान उजागर कर दी, जो कि यौन अपराध मामलों में कानूनन मान्य नहीं है। इस आधार पर उनके खिलाफ जनकपुरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की पूरी तफ्तीश जारी है।
आम आदमी पार्टी ने इस घटना के खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन भी किया था और न्याय की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की। पार्टी ने स्थानीय प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की अपील भी की है।
इस घटना और इसके बाद की कार्रवाई से संबंधित सभी पक्ष लगातार बयान दे रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से की जा रही है ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।
यह मामला नाबालिगों की सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण विचार विमर्श को जन्म दे रहा है। कानून के तहत पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखने की सख्त जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि न्याय प्रक्रिया निर्दोष और सुरक्षित हो।