एक रियल एस्टेट कंपनी से जुड़े करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी और जालसाजी का एक मामला सामने आया है। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस ने कंपनी के निदेशकों, अधिकारियों, बैंक अधिकारियों, प्रॉपर्टी डीलरों समेत 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।सेक्टर-51 निवासी सौरव गुप्ता ने पुलिस से शिकायत की है कि उनके साझेदारों और अन्य आरोपियों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार किए, कूटरचित हस्ताक्षर कर झूठे शपथपत्र व अंडरटेकिंग प्रस्तुत कर कंपनी के नाम पर अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया। आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर बिना अनुमति विभिन्न बैंकों में खाते खोले गए और कंपनी की संपत्तियों पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। शिकायत के अनुसार, सनवर्ल्ड रेजीडेंसी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से फ्लैट निर्माण परियोजनाओं के लिए बैंकों से 90 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था।
आरोप है कि कंपनी के एक निदेशक ने इस्तीफा देने के बाद अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पर्दे के पीछे से कंपनी का संचालन शुरू कर दिया और ऋण की किश्तों का भुगतान बंद करा दिया, जिससे परियोजना का निर्माण कार्य ठप हो गया।शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें और एक अन्य साझेदार को कंपनी के दैनिक संचालन से बाहर करने के लिए षड्यंत्र रचा। उनकी सहमति के बिना कंपनी की संपत्तियों और हिस्सेदारी का हस्तांतरण कर दिया गया। एफआईआर में दिनेश गोयल, अभिषेक जोहर, अनिल ऐरी, रघुवीर, सागर गुप्ता, जानेश, विपिन अग्रवाल, साहिल अग्रवाल, प्रॉपर्टी डीलर प्रशांत कंसल, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डीजीएम प्रशांत कुमार साहू, अन्य कंपनियों के निदेशकों तथा कुछ अज्ञात अधिकारियों और हमलावरों को नामजद किया गया है। कोतवाली प्रभारी सुबोध कुमार ने बताया कि इस मामले में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है

