राज ठाकरे ने अमित शाह पर 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी का आरोप लगाया
महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को कहा कि भाजपा के अंदरूनी मतभेद गहराते जा रहे हैं और पार्टी की एकता केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से बनी हुई है। ठाकरे ने आरोप लगाया कि यह आंतरिक कलह कभी भी उग्र रूप ले सकती है और वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गठबंधन पार्टियों को मजबूत करके और राजनीतिक विध्रोह को प्रोत्साहित करके 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।
ठाकरे ने यह बात महाराष्ट्र में आगामी विशेष गहन निर्वाचन रोल संशोधन (SIR) को लेकर आयोजित एमएनएस कार्यकर्ता सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि शाह की राजनीतिक रणनीतियां भविष्य में भाजपा के भीतर विरोध के मामले में सहायक दलों का समर्थन सुनिश्चित करने हेतु हैं।
उन्होंने भाजपा पर SIR अभियान के माध्यम से व्यापक राजनीतिक एजेंडा चलाने का भी आरोप लगाया। ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरन) को कमजोर करने का प्रयास चल रहा है ताकि अंततः बिजली वितरण अदानी समूह को सौंपा जा सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जैन समुदाय से जुड़ी नई विवादों को इस उद्देश्य के लिए उकसाया जा रहा है कि राजनीतिक दलों का ध्यान भटकाया जा सके और भाजपा अपने चुनावी लक्ष्यों को आगे बढ़ा सके।
ठाकरे ने हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के छह सांसदों का एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट में जाना अमित शाह की दीर्घकालीन राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि शाह भाजपा के सहयोगी दलों को सुदृढ़ कर रहे हैं ताकि वे 2029 के लोकसभा चुनाव और राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा रोल निभा सकें।
कार्यकर्ताओं से सावधान रहने का आह्वान करते हुए ठाकरे ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक माहौल अनिश्चित है और MNS सदस्यों को मतदाता सूची संशोधन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी सूचियों की नियमित निगरानी हो और वास्तविक मतदाताओं को सूची से हटाने से बचाया जाए।
महावितरन आईपीओ पर आरोप
ठाकरे ने महावितरन के प्रस्तावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) पर भी चिंता जताई। उन्होंने हाल ही में जारी केंद्रीय मूल्यांकन रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनी को केवल 1.5 प्रतिशत अंक दिए गए हैं, जो निवेशकों को हतोत्साहित कर सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि यह कदम कंपनी की छवि को धूमिल करने, आईपीओ को असफल बनाने और अंततः बिजली वितरण अदानी समूह को सौंपने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जैन-मराठी विवाद पर टिप्पणियाँ
मुंबई में सफेद सड़क चिन्हों और संबंधित मुद्दों को लेकर चल रहे जैन और मराठी समूहों के विवाद पर बोलते हुए ठाकरे ने कुछ जैन धार्मिक नेताओं की निंदा की। उन्होंने सभी धर्मों का सम्मान करने की बात कही और स्वीकार किया कि कई जैन संन्यासी समाज सेवा में सराहनीय कार्य करते हैं, लेकिन राजनीतिक उद्देश्यों के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा करने से बचने की चेतावनी दी।
ठाकरे ने कहा कि मराठा विरासत के प्रतीकों और क्रियाओं का अपमान सहन नहीं किया जाएगा और यदि ऐसी विवादास्पद स्थितियां पैदा होती रहीं तो मराठी जनता मजबूत प्रतिक्रिया देगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी टकराव नहीं चाहती, लेकिन जानबूझकर विभाजन पैदा करने के प्रयासों पर सड़कों पर उतरने से भी नहीं हिचकेगी।