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फड़नवीस की आलोचना के बाद BMC ने वरिष्ठ नेताओं को ₹1.5 करोड़ मूल्य की नई कारें उपलब्ध कराने की योजना छोड़ने पर विचार किया

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Aug 3, 2026 #bmc, #source
BMC May Drop Plan to Provide ₹1.5 Crore Worth New Cars to Senior Leaders Following Fadnavis’ Criticism

बृहन्मुंबई निगम की योजना पर मुख्यमंत्री की सख्त प्रतिक्रिया, वरिष्ठ नेताओं के लिए नई कारों की खरीदारी प्रस्तावित राशि फिर से विचाराधीन

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने छह वरिष्ठ निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए ₹1.5 करोड़ की नई कारें उपलब्ध कराने की योजना को वापस लेने पर विचार शुरू कर दिया है। इस प्रस्ताव पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की तीव्र आपत्ति और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को लेकर उठी आलोचनाओं के बाद यह कदम उठाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री फड़नवीस ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सार्वजनिक धन केवल विकास कार्यों के लिए ही खर्च किया जाना चाहिए, और अनावश्यक खर्चों से परहेज किया जाए। उन्होंने कहा, “जनता के पैसे का सदुपयोग केवल विकास कार्यों में होना चाहिए। अनावश्यक व्यय बंद करें और नागरिकों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें।”

मुख्यमंत्री के निर्देशों और प्रस्तावित व्यय पर बढ़ती निंदा के चलते, BMC इस योजना को निरस्त करने पर विचार कर रहा है।

परियोजना का प्रस्ताव क्या था?

30 जुलाई को आयोजित BMC स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में छह वरिष्ठ निर्वाचित सदस्यों के लिए नई टोयोटा इनोवा क्रिस्टा वाहनों को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पेश किया गया था। इस योजना के तहत उप महापौर, हाउस लीडर, विपक्ष के नेता और तीन महत्वपूर्ण समितियों के अध्यक्षों को वाहन प्रदान किए जाने थे।

इस कदम की भर्त्सना हुई और विपक्षी नेताओं ने मौजूदा वाहन बदलने की आवश्यकता पर सवाल उठाए।

कांग्रेस ने जताई वित्तीय चिंताएं

कांग्रेस समूह नेता अशरफ अज़मी ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रयुक्त महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन वाहनों को बदलने की कोई तत्काल जरूरत नहीं है।

अज़मी ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में जब निगम वित्तीय संकट का सामना कर रहा है, अनावश्यक व्यय से बचना चाहिए। उन्होंने BMC से वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और संसाधनों को जनकल्याण परियोजनाओं में केंद्रित करने की अपील की।

भाजपा ने प्रस्ताव का समर्थन किया

भाजपा ने विपक्ष पर प्रस्ताव को लेकर اعتراض जताने का आरोप लगाया, जबकि सभी दलों के नेताओं ने इसे मंजूरी दी थी।

भाजपा समूह नेता गणेश खांकर ने कहा कि यह प्रस्ताव सभी पार्टियों के नेताओं की सहमति से चर्चा कर अनुमोदित किया गया था। उन्होंने भविष्य में इस तरह के प्रस्तावों को पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु सभी पक्षों के हस्ताक्षर प्राप्त करने का आश्वासन दिया।

स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने भी कहा कि विपक्षी नेता इस निर्णय से परिचित थे और उस पर सहमति जताई थी।

वाहन लीज़ आधार पर प्रस्तावित थे

खांकर ने स्पष्ट किया कि BMC वाहन खरीदेगा नहीं बल्कि “वेट लीज़” मॉडल के तहत वाहनों की सेवा, ईंधन एवं चालक व्यय की व्यवस्था करेगा।

उन्होंने वरिष्ठ निर्वाचित पदाधिकारियों और अधिकारियों के लिए एक समान वाहन नीति लागू करने का सुझाव दिया, जिसमें महापौर और नगर आयुक्त को छोड़कर सभी को शामिल किया जाएगा, जिससे भविष्य में निरंतरता बनी रहे।

मुख्यमंत्री की हस्तक्षेप और जनता की आलोचनाओं के बीच, BMC अब इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की संभावना है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)