दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाता पुनरीक्षण कार्य की समय सीमा 17 अगस्त तक बढ़ाई गई
निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को दिल्ली और महाराष्ट्र में चल रहे विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान की समय सीमा में नौ दिनों की वृद्धि की घोषणा की है। यह कदम परिसीमन ही नहीं, बल्कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नए शेड्यूल के अनुसार बूथ स्तर अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य 17 अगस्त तक जारी रखेंगे, जबकि प्रारंभ में यह अभियान शनिवार को समाप्त होना था। इस संशोधित समय सारिणी से मतदाता सूची को और व्यापक तथा सटीक बनाने की उम्मीद है।
शुरुआत में जून 30 से शुरू हुए इस घर-घर सत्यापन का पहला विस्तार पिछले माह हुआ था, जब इसे 29 जुलाई से 8 अगस्त तक बढ़ाया गया। इस बार का यह दूसरा विस्तार है। महाराष्ट्र में भारी वर्षा को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अतिरिक्त समय की मांग की थी, जिसके बाद यह संशोधन किया गया।
मतदाता सूची का प्रारूप 24 अगस्त को प्रकाशित होगा, और अंतिम सूची 27 अक्टूबर को जारी की जाएगी। शिकायतों और आपत्तियों को प्रस्तुत करने की खिड़की भी बढ़ाकर 24 अगस्त से 23 सितंबर तक कर दी गई है, जो पहले 17 अगस्त से 16 सितंबर तक रखी गई थी। चुनाव आयोग द्वारा जारी इस परिवर्तन से कर्मचारियों को मतदाता समूहों पर बेहतर ध्यान देने और निष्पक्ष कार्यवाही का अवसर मिलेगा।
इस समयावधि विस्तार का उद्देश्य है कि मतदाता सूची में त्रुटि और बाधाओं को कम करते हुए व्यापक हिस्सेदारी सुनिश्चित की जा सके ताकि चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद हो।
इस संशोधित कार्यक्रम के मद्देनजर निर्वाचन अधिकारियों ने जनता से समय सीमा के भीतर अपनी जानकारी सही कराने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का आग्रह किया है। वे सभी मतदाता जो अपनी सूचनाओं में बदलाव चाहते हैं, वे 17 अगस्त तक अपना आवेदन दे सकते हैं।
मतदाता सूची का अद्यतन होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी होता है, जिससे मतदान प्रणाली में सुधार होता है और चुनावी परिणामों की विश्वसनीयता बढ़ती है। आयोग लगातार इस दिशा में सुधार के लिए प्रयासरत है ताकि हर नागरिका की वोटर पहचान सुरक्षित रहे।