राहुल गांधी ने युवा प्रदर्शनकारियों के घर भेजे गए गुंडों का आरोप लगाया
प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित असंयम के खिलाफ जुलाई में प्रदर्शन करने वाले युवाओं के घरों पर गुंडों को भेजे जाने का आरोप कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह छात्र मीडिया के सामने अपनी बात रख रहे हैं, वहीँ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसमें शिरकत करने की हिम्मत नहीं दिखा रहे।
यह बयान उन्होंने नई दिल्ली, मुंबई, झारखंड और उत्तर प्रदेश के प्रदर्शनकारियों के साथ आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया। इस दौरान 32 वर्षीय एक महिला भी मौजूद थी, जो 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान चलाए गए पैलेट गन से घायल हुई थीं। एक अन्य महिला ने पुलिसकर्मी द्वारा उनके निजी अंग पर प्रहार करने की भी बात कही।
राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसा के लिए अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “या तो उन्हें इस हिंसा की जानकारी नहीं थी, जो उनकी अयोग्यता को दर्शाता है, या अगर उन्होंने इस हिंसा का आदेश दिया तो वह दोषी हैं।”
इसी बीच, फेसबुक के मूल संगठन मेटा के प्रमुख मार्क ज़ुकरबर्ग को भारतीय संसद की एक समिति ने आदेश दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो को अस्थायी रूप से हटाने पर तीन दिनों के भीतर माफी मांगें। मेटा सोशल मीडिया प्लेटफार्म का संचालन करता है और इस मामले में जवाबदेही तय करनी है।
यह घटनाक्रम सामाजिक एवं राजनीतिक हलचलों के बीच सामने आया है, जो तेजी से देश में जनभावनाओं को प्रभावित कर रहा है।