नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने मंगलवार को एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की। एयरपोर्ट पर पहली बार विदेशी विमानों की लैंडिंग हुई। रूस के तीन परिवहन विमान यहां पहुंचे। यह घटनाक्रम भारत में इस सप्ताह के अंत में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले हुआ है। विदेशी नेताओं और उनके प्रतिनिधिमंडलों के भारत पहुंचने के बीच इन विमानों ने नोएडा एयरपोर्ट पर सफल लैंडिंग की।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नई दिल्ली दौरे से पहले ये रूसी विमान भारत पहुंचे हैं। पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं। उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शुक्रवार को द्विपक्षीय बैठक भी होगी। यह मुलाकात ब्रिक्स सम्मेलन की शुरुआत से एक दिन पहले प्रस्तावित है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इससे पहले पुष्टि की थी कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक 11 सितंबर को होगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
मास्को से हुई वर्चुअल ब्रीफिंग में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पेस्कोव ने कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान एक और द्विपक्षीय बैठक होने की उम्मीद है, जो शुक्रवार को निर्धारित है। उन्होंने बताया कि दोनों नेता हमेशा की तरह पहले द्विपक्षीय एजेंडे पर चर्चा करेंगे। पेस्कोव ने व्यापार और आर्थिक सहयोग को एक व्यापक क्षेत्र बताया।
पेस्कोव के अनुसार, पुतिन की भारत यात्रा दोनों देशों को अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने का अवसर देगी। उन्होंने भारत द्वारा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी की भी कामना की।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए यह लैंडिंग इसलिए भी खास है क्योंकि यहां पहली बार किसी विदेशी विमान ने उतरकर इतिहास बनाया है।
पेस्कोव ने आगे कहा कि कुछ दिनों में राष्ट्रपति पुतिन भारत की यात्रा शुरू करेंगे। उन्होंने दोनों देशों के नेताओं के बीच करीबी व्यक्तिगत संपर्क और व्यावहारिक संबंधों का जिक्र किया। उनके मुताबिक, दोनों नेता एजेंडे और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े सबसे संवेदनशील मुद्दों पर भी खुले और रचनात्मक तरीके से चर्चा करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के सहयोग के लिए अतिरिक्त संभावनाओं के रास्ते खुलते हैं।

