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नोएडा: लैपटॉप चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश

आरोपी रात के समय चोरी की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते थे। वे रेस्टोरेंट, मॉल और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाते थे। छोटी टॉर्च से गाड़ी के अंदर रखे लैपटॉप बैग की पहचान करते थे। इसके बाद शीशा तोड़ने वाली पोर्टेबल मशीन से गाड़ी का शीशा तोड़कर कुछ ही सेकंड में लैपटॉप चुरा लेते थे।

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने लैपटॉप चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-113 पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 31 चोरी के लैपटॉप और अन्य सामान बरामद किया है।

पहले से दर्ज हैं 10 मुकदमे
पुलिस ने 11 मई 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर ग्राम सोरखा से लविश कुमार, अंकित यादव और राजेंद्र वर्मा को पकड़ा। इनके पास से 31 लैपटॉप, तीन लैपटॉप बैग, चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जैसे टॉर्च और शीशा तोड़ने वाली पॉकेट मशीन मिली। इसके अलावा, एक हेल्थ कार्ड, 14000 रुपये नकद और फर्जी नंबर प्लेट लगी एक चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में 10 मुकदमे दर्ज हैं। लविश कुमार (22) और अंकित यादव (24) ग्राम पतवाड़ी, थाना बिसरख के निवासी हैं। राजेंद्र वर्मा (40) ग्राम गनीपुर, थाना पीपरपुर, अमेठी का रहने वाला है और वर्तमान में सादुल्लापुर, थाना इकोटेक-3 में रहता है। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था।

चोरी का तरीका
आरोपी रात के समय चोरी की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते थे। वे रेस्टोरेंट, मॉल और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाते थे। छोटी टॉर्च से गाड़ी के अंदर रखे लैपटॉप बैग की पहचान करते थे। इसके बाद शीशा तोड़ने वाली पोर्टेबल मशीन से गाड़ी का शीशा तोड़कर कुछ ही सेकंड में लैपटॉप चुरा लेते थे। चोरी किए गए लैपटॉप को सुनसान जगहों पर छिपाकर रखते थे और मौका मिलने पर बेच देते थे।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )