• Sun. Jul 12th, 2026

AAP का देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े विवाद में शामिल दोषियों को फंसी की सजा दिलाने की मांग की है। इसके लिए आज उन्होंने देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। इस दौरान केजरीवाल ने कहा कि आज हमने सुंदरपाठ का आयोजन किया, हर भक्त को कसम खानी है कि जिन लोगों ने भगवान राम के घर में डकैती की है, जब तक हम उन्हें फांसी की सजा नहीं दिला देंगे तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे। केजरीवाल ने लोगों से उनके हस्ताक्षर अभियान में शामिल होने की अपील की है।

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी के दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। केजरीवाल ने लोगों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “जो अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि में डकैती हुई है, उससे पूरी दुनिया के राम भक्तों को ठेस पहुंची है। उन्होंने कुछ भी नहीं छोड़ा, जमीनों के घोटाले किए। भगवान के नाम पर जो लाखों-करोड़ों भक्तों ने पैसे दिए, उन पैसों की चोरी की। जब राम मंदिर बन रहा था तब भी बहुत बड़े स्तर पर कमीशनखोरी की गई। 40 दिनों में सीसीटीवी के अंदर 70 बार चोरी की घटनाएं पकड़ी गई हैं। 8 महीने की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई। हम मांग करते रहे।’

केजरीवाल ने कहा, ‘ हम सोच रहे थे कि ऊपर वाले लोग कुछ न कुछ करेंगे लेकिन अब ये साफ हो गया कि वे कुछ नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हीं की पार्टी और उन्हीं के भाई संगठनों के लोग इसमें शामिल हैं। पूरा का पूरा ढांचा डकैतों और चोरों को बचाने में लगा हुआ है। आज हमने सुंदरपाठ का आयोजन किया, हर भक्त को कसम खानी है कि जिन लोगों ने भगवान राम के घर में डकैती की है, जब तक हम उन्हें फांसी की सजा नहीं दिला देंगे तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे।’दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल पर कसा तंजदिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा, ‘आज अरविंद केजरीवाल को फिर राम याद आए हैं। वे ‘राजनीतिक हिंदू’ हैं। उनका नाटक फिर से शुरू हो गया है। जनवरी 2024 में, उन्होंने महीने में एक बार कई जगहों पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया था, क्योंकि 2024 के चुनाव नजदीक थे। अब, उन्होंने फिर से सुंदरकांड का यह नाटक याद आया है। मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि उन्होंने खुद एक बार कहा था कि उनकी नानी ने उन्हें राम मंदिर जाने से मना किया था क्योंकि वह एक मस्जिद को गिराकर बनाया गया था; इसलिए वे वहां नहीं गए थे। उस समय भगवान राम के बारे में उनकी यही सोच थी। लेकिन आज, उन्होंने राम की शरण ली है। भगवान राम सच्चाई के प्रतीक हैं। दिल्ली और देश की जनता आपके इस सुंदरकांड वाले नाटक को अच्छी तरह समझ गई है।’

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )