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नोएडा: करीब 1500 फ्लैट खरीदार 10 साल से घर मिलने का इंतजार कर रहे हैं

नोएडा। सेक्टर-79 में अधूरी पड़ी लोटस एरीना सोसाइटी के करीब 1500 फ्लैट खरीदार 10 साल से घर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। सोसाइटी के बिल्डर के दिवालिया होने के बाद मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में गया था। मामले में नया बिल्डर निर्माण शुरू करने को तैयार है। वहीं फ्लैट खरीदारों का आरोप है नोएडा प्राधिकरण की ओर से लेआउट मैप का पुनः वैधीकरण नहीं करने से निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में फ्लैट खरीदारों और नए बिल्डर ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है।

रविवार को सेक्टर-79 स्थित सोसाइटी के बाहर 100 से अधिक फ्लैट खरीदारों ने नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की। खरीदार फ्लैट निर्माण के लिए अनुमति देने की मांग कर रहे थे। खरीदारों ने बताया कि उन्होंने जीवन की सारी पूंजी फ्लैट खरीदने में लगा दी। इसके बाद भी इंतजार के अलावा कुछ नहीं मिला। लोटस एरीना बायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा ने बताया कि जनवरी 2014 में बुकिंग शुरू हुई थी। उस वक्त बिल्डर ने 2019 में पजेशन देने का वादा किया था। वर्ष 2018 के अंत में निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद हो गया। इसके बाद 2020 में सीआईआरपी प्रक्रिया शुरू हुई और 2023 में एनसीएलटी ने नया रिजॉल्यूशन प्लान मंजूर किया। जिसके बाद पूर्वांचल प्रोजेक्ट्स निर्माण शुरू करने के लिए तैयार था लेकिन नोएडा प्राधिकरण ने मैप रिवैलिडेशन रोक दिया। प्रदर्शन में रवि गुप्ता, कविता चावला, आलोक जैन, रमन सूद, अरिंदम, सीआर स्वामी और इंद्रा स्वामी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
दिवालियापन से बाहर आने वाला पहला प्राजेक्ट
खरीदारों के मुताबिक यह नोएडा का पहला ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट है जो सफलतापूर्वक दिवालियापन (आईबीसी) से बाहर निकला। ट्रिब्यूनल के आदेशों का पालन करने के बजाय, नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर 78, 79, 150 और 151 में असंबंधित स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं के साथ एरीना सुपरस्ट्रक्चर को रणनीतिक रूप से जोड़ दिया है।

खरीदारों का दावा, अन्य सोसाइटियों से अलग है मामला
फ्लैट खरीदारों ने बताया कि 2023 में नया बिल्डर निर्माण शुरू करने को तैयार था लेकिन नोएडा प्राधिकरण ने स्पोर्ट्स सिटी के मामले की वजह से मैप अप्रूव नहीं करने की बात कही। जबकि लोटस एरीना का मामला स्पोर्ट्स सिटी की अन्य सोसाइटियों से अलग है। अमिताभकांत समिति की रिपोर्ट भी यही कहती है कि एनसीएलटी से अप्रूव्ड प्रोजेक्ट को रिजॉल्यूशन प्लान के हिसाब से ही निपटारा किया जाएगा। आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण ने पुराने बिल्डर पर कोई कार्रवाई नहीं की जिससे खरीदारों को परेशान होना पड़ रहा है। वहीं, एरीना 2 का मामला अभी एनसीएलटी में चल रहा है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )