नाणघाट पर ऑडियो गाइड टूर का शुभारंभ: ऐतिहासिक महत्व डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत
भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, मुंबई बोर्ड द्वारा 18 मई को नाणघाट में ‘ऑडियो गाइड टूर’ एवं ‘नाणघाट मार्ग परिवर्तन’ परियोजना का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।
प्राचीन काल में एक प्रमुख व्यापार मार्ग रहे नाणघाट ने अब अपने ऐतिहासिक स्वरूप को डिजिटल माध्यम से पर्यटकों के समक्ष उजागर करने का नया अध्याय शुरू किया है।
यह पहल ‘प्राचीन व्यापार मार्ग से डिजिटल विरासत यात्रा’ की अवधारणा पर आधारित है, जिससे इतिहास को सहज और प्रभावशाली तरीके से अनुभव किया जा सकेगा।
उद्घाटन समारोह 18 मई को सुबह 9 बजे नाणघाट पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें श्रीमती टी. श्रीलक्ष्मी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
डेकेन कॉलेज पोस्टग्रेजुएट एवं रिसर्च संस्थान के सहयोगी प्रोफेसर अभिजित डांडेकर और महाराष्ट्र राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय के निदेशक तेजस गर्ग विशेष अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
यह पहल अभिजित एस. अंबेकर द्वारा संकलित की गई है। नाणघाट का महत्व सतवाहन काल के दौरान एक महत्वपूर्ण घाट मार्ग के रूप में रहा है, जहां ब्राह्मी लिपि में बने शिलालेख अपनी ऐतिहासिक प्रासंगिकता के कारण विशेष माने जाते हैं।
इस ऑडियो गाइड सुविधा का उद्देश्य पर्यटकों के लिए इस ऐतिहासिक स्थल की जानकारी प्राप्त करना आसान, सटीक और प्रभावी बनाना है।
महाराष्ट्र में पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में यह डिजिटल पहल एक मील का पत्थर साबित होगी, और यह कार्यक्रम सभी पर्यटकों के लिए खुला रहेगा।
पुरातत्व विभाग ने सभी इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हों।