एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने हाल ही में हुए पेपर लीक विवाद और चिकित्सा प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं के कारण राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को पूरी तरह से रद्द करने की मांग की है।
ठाकरे ने एक सशक्त सोशल मीडिया पोस्ट में केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली में विफलताओं के चलते लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक दबाव में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने पेपर लीक तथा पक्षपात की खबरों के बाद NEET परीक्षा की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक नेटवर्क का महाराष्ट्र से संबंध है और महंगे कोचिंग संस्थान इस प्रणाली में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार की आलोचना की कि विवाद के तेज़ होने पर ही परीक्षा रद्द की गई।
एमएनएस प्रमुख ने NEET के खिलाफ अपनी पुरानी स्थिति दोहराई और कहा कि केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली महाराष्ट्र जैसे राज्यों के छात्रों के लिए नुकसानदायक है जबकि बड़े कोचिंग नेटवर्कों को फायदा पहुंचाता है। उनका दावा है कि आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्र इस प्रणाली से अधिक प्रभावित होते हैं।
राज ठाकरे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की भी मांग की, उन्हें राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं में आई बार-बार विवादों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए।
उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से भी अपील की कि वे NEET के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाएं और दक्षिणी राज्यों द्वारा उठाए जा रहे सुधार या परीक्षा रद्द करने की मांगों का समर्थन करें।
संबंधित खबर: <a href="