असम ने 20 अवैध प्रवासियों को बांग्लादेश वापस भेजा, सरकार ने जताई सख्ती
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने शनिवार को दावा किया कि राज्य से 20 अवैध प्रवासी, जो बांग्लादेश से आए थे, उन्हें गिरफ्तार कर उनकी वापसी कर दी गई है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की प्रवासन नीति के तहत लगातार जारी है।
शर्मा ने सोशल मीडिया पर कहा, “असभ्य लोगों को नरम भाषा समझ में नहीं आती। हम लगातार इस कहावत को याद करते हैं जब हम असम से ऐसे घुसपैठियों को निकालते हैं जो स्वयं नहीं जाते।” उन्होंने इन 20 अवैध बांग्लादेशियों की एक अस्पष्ट तस्वीर भी साझा की और कहा, “इनको ही उदाहरण के रूप में लें जो कल रात वापस भेजे गए। असम इस लड़ाई को जारी रखेगा और ऐसे पुनःपुशकार्म जारी रहेंगे।”
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने अवैध प्रवासियों को लेकर कठोर रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि प्रति सप्ताह लगभग 35 से 40 ऐसे अवैध प्रवासी वापस भेजे जा रहे हैं। जनवरी में उन्होंने स्पष्ट किया था कि विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा उन्हें विदेशी घोषित किए जाने के एक सप्ताह के भीतर ही प्रवासियों को बांग्लादेश भेजा जाएगा और इसके लिए दिल्ली और ढाका के बीच किसी प्रत्यावर्तन समझौते की आवश्यकता नहीं है।
असम सरकार ने अक्टूबर से मार्च 2026 के बीच करीब 2,000 लोगों को बांग्लादेश वापस भेजा है। यह पहल राज्य की सीमाओं की सुरक्षा और अवैध घुसपैठ को रोकने के प्रयासों का हिस्सा है। राज्य सरकार ने इस मामले में अपनी नीति को और भी सख्त करने का संकेत दिया है, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध प्रवासियों का प्रभाव रोका जा सके।
राज्य में इस नीति को लेकर विभिन्न पहलुओं पर निरंतर चर्चा जारी है, लेकिन मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि असम में घुसपैठ रोकने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि असम की सीमाएं सुरक्षित रहेंगी और अवैध प्रवासी राज्य की शांति और विकास में बाधक नहीं बनेंगे।