बीजेपी बंगाल में भारी बढ़त, डीएमके तमिलनाडु में सत्ता में लौटने की संभावना
पिछले बुधवार को जारी हुए कई एग्जिट पोल्स के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को परास्त कर सकती है, जबकि तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) गठबंधन सत्ता में वापसी करने की ओर अग्रसर है।
एग्जिट पोल्स ने असम में भी बीजेपी की जीत का संकेत दिया है, वहीं केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट और पुडुचेरी में नैशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) की सत्ता बनाए रखने की संभावना जताई गई है।
इस पूर्वानुमान की घोषणा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के समापन के तुरंत बाद हुई है। बंगाल में मतदान का पहला चरण 23 अप्रैल को सम्पन्न हुआ था। तमिलनाडु में एक ही चरण में मतदान हुआ था, जो 23 अप्रैल को संपन्न हुआ, जबकि असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान हुआ था।
सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल का चुनावी परिदृश्य
पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं और सत्ता के लिए न्यूनतम 148 सीटें आवश्यक हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने भारी बहुमत के साथ 215 सीटें जीती थीं।
हालांकि, इस बार अधिकांश एग्जिट पोल्स भाजपा को राज्य में 15 वर्षों से सत्ता में चल रही ममता बनर्जी की पार्टी को चुनौती देने में सक्षम मान रहे हैं।
लोकगणना एजेंसी चाणक्य स्ट्रेटेजीस ने भविष्यवाणी की है कि भाजपा को 150 से 160 सीटों के बीच जीत मिल सकती है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की सीटें 130 से 140 के बीच रह सकती हैं। अन्य एजेंसियां भी इसी तरह के आकंड़े दे रही हैं, जो भाजपा के लिए सकारात्मक संदेश हैं।
ऐसे में बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव होने की संभावना है, जो आगामी दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।