फेज-1 थाना के प्रभारी अमित मान ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि अनूप ने नेपाल से स्नातक तक पढ़ाई की। उसके बाद 2022 में रूस गया और वहां वन एक्सबेट कंपनी के कॉल सेंटर में नौकरी की। इसके साथ ही साइबर एक्सपर्ट की पढ़ाई भी की। करीब ढाई साल तक वहां काम किया। साथ ही नवंबर 2022 से जून 2025 तक ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क को नजदीक से समझा और संचालित किया। बाद में कंपनी की एक रूसी अधिकारी के कहने पर उसे भारत भेज दिया गया। यहां आने बाद आरोपी को रेडी ऐप के जरिये निर्देश दिए जाते थे और दिल्ली में कंपनी का डायरेक्टर बताकर उससे काम कराया जाता था। नोएडा में कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा था। आरोपी और कंपनी मालिकों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। म्यूल अकाउंट में जमा कराते थे रकम
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी और उसके साथी भारत में प्रतिबंधित बेटिंग एप को तकनीकी सहायता देने के नाम पर चला रहे थे। देश के लोगों को फोन कर या ऑनलाइन संपर्क कर ऑनलाइन जुए में पैसा लगाने के लिए उकसाते थे। ग्राहकों से कहा जाता था कि वे वेबसाइट पर दिखाए गए बैंक खातों में पैसे जमा करें। ये खाते असल में म्यूल होते थे जिनका इस्तेमाल ठगी और धन शोधन के लिए किया जाता था। पैसा एक खाते से दूसरे खाते में घुमाकर अंत में आरोपी और उसके नेटवर्क के खातों में पहुंचाया जाता था। इसके साथ ही तकनीकी सहायता के नाम पर भी पैसा ट्रांसफर करवाया जाता था। बड़ा सट्टा लगाने पर रकम ठग ली जाती थी। वहीं हार-जीत पर भी इनका प्रतिशत तय था। यह एप भारत में पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद थर्ड पार्टी एपीके फाइल के जरिये इसे डाउनलोड कर लोगों से जुआ खिलाया जा रहा था।

