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Bharat Jodo Yatra: 7 सितंबर से कन्याकुमारी से शुरू हुई राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का आज 134वां दिन है। आज यात्रा का बड़ा और खास दिन है। राहुल गांधी आज श्रीनगर के ऐतिहासिक लालचौक पर तिरंगा फहराएंगे। वहीं राहुल गांधी की सुरक्षा को देखते हुए श्रीनगर का लाल चौक सील कर दिया गया है। यात्रा का समापन कल 30 जनवरी को श्रीनगर में होगा। आज तिरंगा फहराने के बाद 2:30 बजे वह पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।

आज की पदयात्रा के लिए कांग्रेस की तरफ से ट्वीट भी किया गया। जिसमें लिखा गया है एक पदयात्रा…कन्याकुमारी से कश्मीर तक, नफरत को हराकर- दिलों को जोड़ने के लिए, असंभव सी लगने वाली #BharatJodoYatra इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुकी है। जो आज पन्था चौक से सोनवार चौक तक जाएगी और लाल चौक पर गर्व से तिरंगा फहराएगी। यात्रा जारी है और जय हिंद सब पर भारी है।

बता दें कि यात्रा के समापन समारोह में विपक्षी दलों को न्योता दिया गया है। बीते दिनों पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी यात्रा में शामिल हुई थी। उन्होंने यात्रा की जमकर तारीख की थी। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह यात्रा ताजा झोंके की तरह है। 2019 के बाद पहली बार इस यात्रा ने लोगों को घरों से निकलने का मौका दिया है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}