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जैकलीन फर्नांडिस को मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा झटका, ED ने कहा- ₹200 करोड़ की ठगी में बराबर भागीदार

जैकलीन फर्नांडिस को मनी लॉन्‍ड्र‍िंग केस में बड़ा झटका, ED ने कहा- ₹200 करोड़ की ठगी में बराबर भागीदार
जैकलीन फर्नांडिस को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा झटका, ED ने किया कड़ा विरोध

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कम होती नजर नहीं आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अभिनेत्री की याचिका का कड़ा विरोध किया, जिसमें उन्होंने सरकारी गवाह बनने की अनुमति मांगी थी। एजेंसी ने स्पष्ट कहा कि जैकलीन इस मामले में मामूली भागीदार नहीं हैं, बल्कि वे बराबर की साझेदार हैं।

सरकारी गवाह बनने की याचिका पर सुनवाई

जैकलीन ने पिछले महीने अदालत में आवेदन देकर खुद को सरकारी गवाह बनाने की मांग की थी। उनका दावा था कि वे जांच में सहयोग कर रही हैं और कई बार जांच एजेंसियों के सामने पेश हो चुकी हैं। हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय ने इस मांग का विरोध किया और कहा कि अभिनेत्री की भूमिका पीड़ित की नहीं बल्कि लाभार्थी की रही है। पटियाला हाउस कोर्ट के सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने जैकलीन को एजेंसी की आपत्तियों पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 12 मई को निर्धारित है।

ईडी ने कहा- जैकलीन को थी पूरी जानकारी

प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में कहा कि जैकलीन फर्नांडिस सुकेश चंद्रशेखर के अपराध इतिहास और उसकी वास्तविक पहचान से भली-भांति परिचित थीं। इसके बावजूद उन्होंने उससे संपर्क बनाए रखा और महंगे तोहफे स्वीकार किए। एजेंसी का कहना है कि अभिनेत्री ने खुद को पीड़ित बताकर तथ्य छुपाए हैं। जांच में यह पाया गया कि उन्होंने जानबूझकर ऐसे अपराधी से संबंध बनाए रखा, जिस पर मनी लॉन्ड्रिंग और बड़े पैमाने की ठगी के आरोप हैं।

महंगे तोहफों के कारण बढ़ीं मुश्किलें

ईडी ने आरोप लगाया कि सुकेश चंद्रशेखर ने ठगी से जुटाए गए पैसों से जैकलीन को महंगे उपहार दिए। जांच में महंगी ज्वेलरी, डिजाइनर बैग, लक्जरी कार और अन्य कीमती गिफ्ट्स का खुलासा हुआ। एजेंसी का कहना है कि इन उपहारों के स्रोत और उनकी जानकारी अभिनेत्री को पूरी तरह थी। उन्होंने अदालत से कहा कि ऐसे आरोपी को सरकारी गवाह बनाना न्याय व्यवस्था के लिए गलत संदेश होगा।

जांच में सहयोग न करने का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय ने यह भी आरोप लगाया कि जैकलीन ने जांच में पूरी ईमानदारी से सहयोग नहीं किया है। पीएमएलए के तहत दर्ज उनके कई बयानों में विरोधाभास पाए गए हैं। एजेंसी ने बताया कि अभिनेत्री ने पांच बार बयान दिया, पर कई सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। जांच में तथ्यों को छिपाने और गलत जानकारी देने की भी कोशिश की गई है।

क्या है 200 करोड़ रुपये का मामला?

यह मामला सुकेश चंद्रशेखर नामक व्यक्ति से जुड़ा है, जिस पर देशभर में कई उच्च स्तर के लोगों को धोखा देने का आरोप है। ईडी के अनुसार, सुकेश ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की। प्रमुख आरोपों में कारोबारी परिवार से जुड़ी अदिति सिंह से लगभग 200 करोड़ रुपये की ठगी शामिल है। जांच एजेंसी का मानना है कि उसने प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय के अधिकारियों का झांसा देकर यह रकम हासिल की।

2022 में जैकलीन बनीं आरोपी

ईडी ने दिसंबर 2021 में पहली चार्जशीट दाखिल की, जिसमें कई आरोपी थे लेकिन जैकलीन का नाम शामिल नहीं था। जांच के गहराने पर अगस्त 2022 में उन्हें भी आरोपी बनाया गया। इसके बाद से वह कई बार ईडी के समक्ष गई हैं और दावा किया है कि उन्होंने जांच में सहयोग किया है।

हाई कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

अपने खिलाफ कार्रवाई को चुनौती देते हुए जैकलीन ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया था। अब सरकारी गवाह बनने के प्रयास में भी ईडी के विरोध के कारण उनकी कानूनी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)