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दिल्ली: बिजली कंपनियों के खातों का होगा सीएजी ऑडिट

दिल्ली में बिजली कंपनियों के खातों के सीएजी ऑडिट का रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली सरकार ने इसे बिजली उपभोक्ताओं के हित में बड़ा कदम बताया है। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि ऑडिट से बिजली कंपनियों के वित्तीय मामलों में पारदर्शिता आएगी और किसी भी अनियमितता की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जा सकेगी।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि बिजली कंपनियों की किसी भी वित्तीय कमी या दावे का बोझ आम उपभोक्ताओं पर न पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली दरों में किसी भी अतिरिक्त बोझ को रोकने के लिए हर स्तर पर प्रयास करेगी। मंत्री ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब सीएजी ऑडिट की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा और बिजली कंपनियों के खातों की विस्तृत जांच होगी।

बिजली कंपनियों और पिछली सरकार पर मिलीभगत के आरोप
आशीष सूद ने आरोप लगाया कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार और निजी बिजली वितरण कंपनियों के बीच मिलीभगत के कारण लंबे समय तक ऑडिट नहीं हो पाया। बिजली कंपनियों की ओर से ऑडिट का विरोध करना भी कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने दावा किया कि साल 2015 के एक फैसले का हवाला देकर सीएजी ऑडिट को रोकने की कोशिश की गई, जबकि हाईकोर्ट के वर्तमान निर्णय से स्थिति स्पष्ट हो गई है।

लोगों पर बढ़ा है 38 हजार करोड़ का वित्तीय बोझ
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि दिल्ली के लोगों पर करीब 38 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय बोझ का मुद्दा सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कंपनियों के खातों और दावों की सही स्थिति जानने के लिए ऑडिट जरूरी है। सीएजी जांच से यह स्पष्ट होगा कि कंपनियों के वित्तीय दावे कितने सही हैं और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

अब एलजी के स्तर पर आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
मंत्री ने बताया कि सीएजी ऑडिट को लेकर उपराज्यपाल के स्तर पर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। बिजली कंपनियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा और इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही उनकी प्राथमिकता है। ऑडिट के बाद यदि किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगी और बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में काम करेगी

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )