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दिल्ली: नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर, लाइसेंस-एनओसी में देरी पर लगेगी रोक

दिल्ली सरकार ने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 23 महत्वपूर्ण सेवाओं को दिल्ली (नागरिकों को समयबद्ध सेवा वितरण का अधिकार) अधिनियम, 2011 के दायरे में शामिल कर लिया है। इसके साथ ही इन सेवाओं के लिए निर्धारित समय सीमा तय कर दी गई है, जिससे नागरिकों और कारोबारियों को सरकारी अनुमतियों, लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना और सरकारी तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत अधिकारी निर्धारित समय में सेवाएं देने के लिए बाध्य होंगे और फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जा सकेगा।दुकान, व्यापार का पंजीकरण एक दिन मेंव्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए श्रम विभाग के तहत दुकान एवं स्थापना अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण अब केवल एक दिन में किया जाएगा। वहीं फैक्टरी योजना की स्वीकृति के लिए 15 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है।

विधिक माप विज्ञान विभाग में तौल-माप उपकरणों के पंजीकरण का कार्य अधिकतम 45 दिनों में पूरा करना होगा। सरकार का मानना है कि इससे कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया तेज होगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।रोजमर्रा की सुविधाओं में बड़ी राहतआम लोगों को भी कई सेवाओं में राहत मिलेगी। सीवरेज कनेक्शन 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा। नए बिजली मीटर और कनेक्शन समझौते से जुड़े मामलों का निस्तारण 60 दिनों के भीतर करना होगा। सड़क काटने की अनुमति के लिए 45 दिन की समय सीमा तय की गई है, जबकि निर्माण सामग्री भंडारण की स्वीकृति एक दिन में प्रदान की जाएगी। रियल एस्टेट क्षेत्र में बिल्डर और एजेंटों का पंजीकरण रेरा के तहत 30 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा।15 दिनों में मिलेगी फिल्म शूटिंग की अनुमतिदिल्ली को फिल्म निर्माण और पर्यटन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से फिल्म शूटिंग की अनुमति अब 15 दिनों के भीतर जारी की जाएगी। होटल पंजीकरण, मनोरंजन पार्क संचालन और खाद्य व्यवसाय से संबंधित एनओसी के लिए 60 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है। मोबाइल टावर लगाने की अनुमति 30 दिनों में प्रदान की जाएगी। आबकारी विभाग में बार लाइसेंस जारी करने के लिए 30 दिन तथा आईएमएफएल और एफएल श्रेणियों के ब्रांड पंजीकरण के लिए 42 दिनों की समय सीमा तय की गई है।पर्यावरण और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता की गारंटीपर्यावरण संबंधी सेवाओं में भी समयबद्ध व्यवस्था लागू की गई है। पेड़ों की कटाई से जुड़े अनुमति आवेदनों पर 60 दिनों के भीतर निर्णय लेना अनिवार्य होगा। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) बैटरी अपशिष्ट संग्रहण और पुनर्चक्रण से संबंधित प्राधिकरण पत्र 15 दिनों में जारी करेगी। कृषि क्षेत्र में कीटनाशक नियंत्रण, बीज लाइसेंस और बिक्री पंजीकरण की प्रक्रिया को 21 दिनों के भीतर पूरा करना होगा।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )