इस पूरी व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी करीब 2300 ड्राइवर होंगे। दिल्ली पुलिस ने हर गाड़ी के लिए दो ड्राइवर अनिवार्य किए हैं ताकि 24 घंटे निर्बाध ड्यूटी सुनिश्चित की जा सके। ड्राइवरों के लिए साफ वर्दी, अनुशासित व्यवहार और सतर्कता अनिवार्य होगी। सुरक्षा व्यवस्था में शामिल इन ड्राइवरों और वाहनों की निगरानी बहुस्तरीय तरीके से की जाएगी। सभी ड्राइवरों का सत्यापन पहले से किया जाएगा और उनकी पहचान संबंधी रिकॉर्ड दिल्ली पुलिस के पास रहेगा। ड्यूटी के दौरान उनकी गतिविधियों, तय रूट और समय पालन पर लगातार नजर रखी जाएगी। किसी भी वाहन के निर्धारित मार्ग से हटने, अनुशासनहीनता या संदिग्ध गतिविधि मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वहीं साथ ही ड्यूटी शुरू होने से पहले सभी वाहनों के स्पीडोमीटर दिल्ली पुलिस की तकनीकी टीम द्वारा सील किए जाएंगे, ताकि मूवमेंट का सटीक रिकॉर्ड रखा जा सके। इन गाड़ियों पर दिल्ली पुलिस का आधिकारिक लोगो नहीं होगा, बल्कि केवल ऑन पुलिस ड्यूटी बोर्ड लगाया जाएगा। दोनों सम्मेलन हैं बेहद अहम…
इन दोनों सम्मेलनों को भारत की वैश्विक कूटनीतिक और पर्यावरणीय रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। भारत-अफ्रीका फोरम जहां अफ्रीकी देशों के साथ रणनीतिक संबंधों को मजबूत करेगा, वहीं इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस के जरिए भारत वन्यजीव संरक्षण के वैश्विक एजेंडे में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका दिखाएगा। दिल्ली पुलिस की तैयारी का मकसद यही है कि दुनिया भर से आने वाले प्रतिनिधियों को राजधानी में सुरक्षित, संगठित और आधुनिक व्यवस्था का अनुभव मिले। फैक्ट बॉक्स : सुरक्षा व्यवस्था एक नजर में
- कुल 1157 सफेद एसयूवी तैनात होंगी
- स्कॉर्पियो, अर्टिगा और बोलेरो मॉडल शामिल
- 870 गाड़ियां सुरक्षा यूनिट के लिए
- 239 गाड़ियां ट्रैफिक यूनिट को
- नई दिल्ली जिले को 48 अतिरिक्त एसयूवी
- प्रति गाड़ी दो ड्राइवर तैनात
- सभी वाहन 2020 या उसके बाद के मॉडल
- स्पीडोमीटर सीलिंग और व्यवहार निगरानी अनिवार्य

