यातायात विभाग ने सबसे अधिक 4.99 लाख मामलों का निस्तारण किया। इसके अलावा पुलिस विभाग ने 13.05 हजार, चिकित्सा विभाग ने 99.45 हजार और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय ने 32 हजार 500 मामलों का निपटारा किया। एनपीसीएल द्वारा 45 मामलों में 7 लाख 23 हजार रुपये की समझौता राशि तय की गई। जबकि यूपीपीसीएल के 5 हजार 780 मामलों का निस्तारण किया गया। श्रम न्यायालय द्वारा 1 हजार 45 मामलों में 69 करोड़ 23 लाख 51 हजार 656 रुपये की समझौता धनराशि तय हुई।
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी वत्सल श्रीवास्तव की अदालत में 22 मामलों में 2 करोड़ 30 लाख 50 हजार रुपये की समझौता राशि तय की गई। वहीं वाणिज्य न्यायालय प्रथम के पीठासीन अधिकारी रविन्द्र नाथ दुबे तथा वाणिज्य न्यायालय द्वितीय के पीठासीन अधिकारी जगदीश प्रसाद ने क्रमशः 8 और 11 मामलों का निस्तारण करते हुए एक करोड़ 27 लाख 60 हजार 395 रुपये की समझौता धनराशि तय कराई। एनआई एक्ट प्रथम की न्यायिक अधिकारी मुनव्वर जहां ने 310 मामलों में लगभग 2 करोड़ 99 लाख 54 हजार 400 रुपये की समझौता राशि तय कराई। नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा 6 हजार 123 मामलों और राजस्व विभाग की ओर से 1 लाख 8 हजार 286 मामलों का निस्तारण किया गया।

