• Wed. Jul 15th, 2026

ग्रेटर नोएडा: सीईओ एनजी रवि कुमार ने मंगलवार को अंडरपास के निर्माण कार्य का जायजा लिया

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चार मूर्ति गौर सिटी अंडरपास पर ट्रैफिक की समस्या से वाहन चालकों को जल्द आंशिक तौर पर राहत मिल सकती है। निर्माणाधीन अंडरपास की छत (स्लेप) का कार्य शीघ्र पूरा होने वाला है। इसके बाद इसे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। वाहन इसके ऊपर से गुजर सकेंगे। हालांकि चैराहे से दोनों तरफ अंडरपास का कार्य पूर्ण होने में अभी छह माह लगेंगे।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने मंगलवार को अंडरपास के निर्माण कार्य का जायजा लिया। अंडरपास का निर्माण तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही अंडरपास की छत (स्लेप) का कार्य पूरा कर वाहनों के लिए शीघ्र खोल देने के लिए कहा। वाहन चालकों को आंशिक रूप से राहत मिल जाएगी। सीईओ अंडरपास के चारों ओर पैदल घूमे। वर्क सर्किल 1 के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर ने अंडरपास के कार्य प्रगति से सीईओ को अवगत कराया।

सीईओ एनजी रवि कुमार ने 60 मीटर रोड की सर्विस रोड को चौड़ा करने करने के लिए कहा है। वह 80 मीटर रोड देखने पहुंचे। ऐस सिटी के पास से 60 मीटर और 130 मीटर रोड को जोड़ते हुए बनी इस रोड को शीघ्र कंपलीट करने के लिए कहा। लगभग 100 मीटर दूरी में जमीन विवाद के चलते रोड कंपलीट नहीं हो पा रही। सीईओ ने 130 मीटर रोड का भी जायजा लिया।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

Don't Miss

{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}