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कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई, लिखा अमित शाह को पत्र

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई, लिखा अमित शाह को पत्र  

दिल्ली में पूर्वोत्तर के नागरिकों और महिलाओं की सुरक्षा पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की चिंता

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में पूर्वोत्तर के लोगों तथा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। हाल ही में नेहरू प्लेस में पूर्वोत्तर की महिलाओं के साथ हुई नस्लीय दुव्र्यवहार और हिंसा को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार एवं दिल्ली पुलिस से उचित कदम उठाने की मांग की है।

पत्र में गौरव गोगोई ने बताया कि असम की एक महिला के साथ हुए अभद्र व्यवहार और नस्लीय गाली-गलौज की घटना निंदनीय है और इसे रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर के नागरिकों के खिलाफ बढ़ते नस्लवाद और हिंसा के संकेत हैं।

उन्होंने आगे लिखा कि 10 मई 2026 की सुबह, दिल्ली के नेहरू प्लेस में असम और बिहार की दो महिलाओं पर एक समूह ने न केवल अपमानजनक नस्लीय टिप्पणियां कीं, बल्कि उन पर शारीरिक रूप से भी हमला किया। घटना के समय महिलाएं एक होटल के बाहर चाय पीती हुई थीं जब यह सब हुआ। पुलिस ने इस मामले में नस्लीय उत्पीड़न की पुष्टि की है।

गौरव गोगोई ने पत्र में मणिपुर की एक वकील और उनकी ट्रांस महिला मित्र के साथ दक्षिण दिल्ली के एक पार्क में किशोर लड़कों द्वारा किए गए नस्लीय अत्याचार का भी उल्लेख किया है। इस हमले में चाकू का इस्तेमाल किया गया था और चार किशोरों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा फरवरी 2026 में मालवीय नगर में अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ भी नस्लीय दुर्व्यवहार हुआ था।

सांसद ने इन घटनाओं को अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर के लोगों के प्रति नस्लीय पूर्वाग्रह और हिंसा के लंबे और चिंताजनक दस्तावेज़ के हिस्से के रूप में देखा। उन्होंने मंत्रालय से आग्रह किया है कि दिल्ली में पूर्वोत्तर के नागरिकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए और मौजूदा संस्थागत तंत्र की प्रभावशीलता पर ध्यान दिया जाए।

गौरव गोगोई ने लिखा कि पूर्वोत्तर के लोग दिल्ली के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और उन्हें कानून के तहत न केवल सुरक्षा का अधिकार है, बल्कि उन संस्थानों पर भी भरोसा करना चाहिए जो उनकी सुरक्षा करते हैं। उन्होंने गृह मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया ताकि महिलाओं और पूर्वोत्तर के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार को गंभीर महत्त्व दिया जाए।

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)