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दिल्ली ब्लास्ट केस में फंसाने की धमकी देकर साइबर ठगों ने किया बड़ा फ्रॉड, रिटायर्ड मैनेजर से ठग लिए 40.90 लाख

दिल्ली ब्लास्ट केस में फंसाने की धमकी देकर साइबर ठगों ने किया बड़ा फ्रॉड, रिटायर्ड मैनेजर से ठग लिए 40.90 लाख

मुंबई में साइबर ठगी का नया रूप: दिल्ली ब्लास्ट केस में फंसाने की धमकी देकर रिटायर्ड मैनेजर से 40.90 लाख की ठगी

मुंबई के भांडुप क्षेत्र में एक भयानक साइबर धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ है, जिसमें अपराधियों ने दिल्ली बम धमाके और मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी को मानसिक रूप से दबाव में रखकर करीब 40.90 लाख रुपये की ठगी की है। मुंबई साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित राजेंद्र, जो महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व मैनेजर हैं, को 10 मार्च को ‘एटीएस डिपार्टमेंट’ नामक एक सिग्नल ऐप अकाउंट से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली एटीएस का अधिकारी ‘पीएसआई सिंह’ बताया और कहा कि राजेंद्र का नाम जनवरी में हुए दिल्ली बम धमाके और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जुड़ा हुआ है।

ठगों ने राजेंद्र को बताया कि उनके आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का उपयोग कर कर्नाटक में एक बैंक खाता खुलवाया गया है, जिसमें 2.65 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए गिरफ्तारी और संपत्ति जब्त करने की धमकी दी गई।

डर और मानसिक दबाव का प्रयोग करते हुए उन्हें घर के एक अलग कमरे में रहने, किसी से बात न करने और लगातार वीडियो कॉल पर उपस्थित रहने के लिए मजबूर किया गया। तनाव के चलते राजेंद्र ने पहले 2.90 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगों ने उनसे उनके शेयर बाजार में निवेशित 29 लाख रुपये को बेचने और 28 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त, ‘बेल सिक्योरिटी’ के नाम पर 10 लाख रुपये की रकम भी मांगी गई, जिसे राजेंद्र की पत्नी ने लोन लेकर ठगों को दिया। ठगों ने पैसे वापस करने और मामले को समाप्त करने का भरोसा दिया, लेकिन रकम मिलने के बाद उनसे संपर्क टूट गया।

बहुत दिनों तक कोई जवाब न मिलने पर राजेंद्र को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने 3 मई को साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। 4 मई को मुंबई साइबर सेल में औपचारिक शिकायत दी गई।

मुंबई पुलिस ने बताया कि यह मामला ‘डिजिटल अरेस्ट’ नामक नए साइबर अपराध की गंभीरता को दर्शाता है, जहां अपराधी सरकारी एजेंसियों के नाम पर लोगों को मानसिक रूप से दबाव में रखकर करोड़ों की ठगी करते हैं। साइबर सेल फिलहाल संबंधित बैंक खातों की जाँच कर रही है और आरोपियों की पहचान पर काम कर रही है।

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)