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पीएम मोदी ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के फैसले को सराहा, बोले- लोगों को मिलेगा त्वरित न्याय

पीएम मोदी ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के फैसले को सराहा, बोले- लोगों को मिलेगा त्वरित न्याय

सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि का प्रधानमंत्री मोदी ने किया स्वागत

नई दिल्ली। भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के केंद्रीय कैबिनेट के निर्णय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशंसा की है। उन्होंने इस कदम को न्यायिक प्रणाली को सुदृढ़ करने और न्याय प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस निर्णय को ‘‘मंत्रिमंडल का एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय’’ करार देते हुए कहा कि इससे देश की न्यायिक व्यवस्था मजबूत होगी और आम लोगों को न्याय त्वरित मिलेगा।

केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दी। इस विधेयक के तहत न्यायाधीशों की संख्या मौजूदा 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है।

सरकार ने इस प्रस्ताव को संसद में पेश करने की तैयारी कर ली है। मंत्रीमंडल के कार्यालय ने बताया कि न्यायाधीशों की संख्या वृद्धि से सर्वोच्च न्यायालय अपनी कार्यदक्षता और न्याय प्रदान करने की गति को बेहतर बनाएगा, जिससे जनता को न्याय में सुविधा होगी।

इस फैसले के परिणामस्वरूप न्यायाधीशों और उनके सहायक कर्मचारियों के वेतन तथा सुविधाओं की लागत सरकार की संचित निधि से पूरी होगी।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 124(1) के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के अलावा अन्य न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या संसद के कानून द्वारा निर्धारित की जा सकती है। 1956 के सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम में इस सीमा को सात से बढ़ाकर 10 किया गया था।

समय-समय पर इस संख्या में संशोधन होते रहे हैं। 1960 में इसे 13, 1977 में 17, 1986 में 25, 2008 में 30, और 2019 में 33 न्यायाधीशों तक बढ़ाया गया। नयी संशोधन विधेयक के बाद यह संख्या 37 हो जाएगी।

1956 से लेकर अभी तक इस संख्या में की गई वृद्धि सर्वोच्च न्यायालय की प्रति दिन बढ़ती न्यायिक जरूरतों को पूरा करने के लिए की गई है जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक सुचारू और दक्ष बन सके।

न्यायिक मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम समय की मांग है ताकि देश में न्याय त्वरित और प्रभावी रूप से उपलब्ध हो सके।

प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह परिवर्तन न्यायिक तौर पर भारत के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और न्याय दिलाने के प्रयासों को गति देगा।

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)