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NOIDA: डीडीआरडब्लूए फेडरेशन ने विधायक को सहर की समस्या पर अवगत किया।

डीडीआरडब्लूए फेडरेशन ने विधायक को सहर की समस्या पर अवगत किया। उपाध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया की

माननीय विधायक श्री पंकज जी के साथ डीडी आरडब्ल्यूए फेडरेशन द्वारा डीडी आरडब्ल्यू अध्यक्ष की आवास पर मीटिंग आयोजित करी गई। जिसमें नोएडा शहर की प्रमुख समस्याओं के विषय में विधायक श्री पंकज सिंह जी को अवगत करवाया जाएगा।

मीटिंग के दौरान उठाई जाने वाली प्रमुख समस्याएं इस प्रकार रहेगी:-

1. फ्रीहोल्ड का मुद्दा।

2. डीडी आरडब्लूए फेडरेशन के लिए ऑफिस हेतु अनुरोध।

3. एंक्रोचमेंट और वेंडिंग जोन से होने वाली समस्या। 4. डॉग पॉलिसी को सही से इंप्लीमेंट करने हेतु अनुरोध।

5. नो कट जॉन होने के उपरांत भी शहर में होने वाली बिजली की समस्या का परमानेंट समाधान करवाने हेतु अनुरोध।

6. इंटरसिटी बस न होने के कारण शहर में थ्री व्हीलर और ऑटो से होने वाली समस्या के विषय में चर्चा।

7. शहर में चुनाव के नाम पर AOA / RWA से 2 लाख से 5 लाख तक की डिमांड करने वाले अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हेतु अनुरोध।

8. शहर के बड़े नालों को कर करवाना।

9. नोएडा प्राधिकरण द्वारा निवासियों को धारा 10 के नोटिस देकर अवैध वसूली का धंधा चरम पर है। जिससे नोएडा शहर के निवासी परेशान है और विरोध कर रहे हैं।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}