NCP (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने दिशा सालियान की मौत के मामले में सामने आए ताजा घटनाक्रम पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की स्थिति को बेहतर तरीके से समझने के लिए वह शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत से बातचीत करेंगी। वहीं, अदालत में सतीश सालियान की ओर से पैरवी कर रहे वकील नीलेश ओझा ने दावा किया कि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत को लेकर CBI द्वारा दर्ज FIR में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, रिया चक्रवर्ती, परमबीर सिंह सहित अन्य लोगों के नाम हैं।
सुप्रिया सुले ने कहा कि वह इस मामले को लेकर शिवसेना (UBT) के नेताओं से चर्चा करेंगी। उन्होंने कहा, ‘मैं इस घटनाक्रम से हैरान हूं, खास तौर पर इसलिए क्योंकि इसी सरकार ने पहले इस मामले को बंद कर दिया था। मुझे अभी ठीक से समझ नहीं आ रहा कि आखिर क्या हो रहा है। इस बारे में और जानकारी लेने के लिए मैं संजय राउत साहब से बात करूंगी।’
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस घटनाक्रम को किसी राजनीतिक साजिश के तौर पर देखती हैं, तो सुप्रिया सुले ने कहा कि कुछ भी संभव है। उन्होंने ‘आईसीई’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें आयकर विभाग, CBI और ED जैसी एजेंसियां शामिल हैं। उनके मुताबिक, इन एजेंसियों का इस्तेमाल लोगों के खिलाफ किया गया और बाद में उन्हीं लोगों को पार्टी में शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सरकार में कुछ भी संभव है।
AIMIM नेता वारिस पठान ने इस मामले को राजनीति से दूर रखते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि दिशा सालियान मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने की आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, एक पिता पिछले छह वर्षों से अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहा है। वारिस पठान ने कहा कि अदालत का दरवाजा खटखटाने के बाद से सतीश सालियान लगातार यही कहते रहे हैं कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी।
वकील नीलेश ओझा के अनुसार, CBI ने दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की शिकायत की प्रारंभिक जांच और जांच एजेंसी द्वारा दर्ज किए गए बयान के बाद FIR दर्ज की। ओझा ने कहा कि FIR में गैंग रेप, हत्या और अपराध को छिपाने के प्रयास से जुड़े आरोप शामिल हैं। उनके मुताबिक, FIR IPC की धारा 376D, 302, 201, 217, 218 और 120B के तहत दर्ज की गई है।
ओझा ने FIR में जिन नामों के शामिल होने की बात कही, उनमें आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रोहन रॉय, रिया चक्रवर्ती, परमबीर सिंह, तत्कालीन DCP विशाल ठाकुर, कथित तौर पर गलत रिकॉर्ड तैयार करने वाला पुलिस अधिकारी, मालवानी पुलिस स्टेशन के PI और SIT के सदस्य शामिल हैं। उन्होंने आगे डॉक्टर संजय यादव और फोरेंसिक लैब के उन केमिकल एनालिस्ट का भी जिक्र किया, जिन पर उनके अनुसार गैंग रेप की रिपोर्ट बदलने का आरोप है।
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज की। कोर्ट ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए थे। दिशा सालियान 8 जून 2020 को मृत पाई गई थीं। यह घटना मुंबई के बांद्रा स्थित सुशांत सिंह राजपूत के घर में उनके मृत पाए जाने से कुछ दिन पहले हुई थी।
शुरुआत में दिशा सालियान की मौत को ‘एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट’ यानी ADR के रूप में दर्ज किया गया था। इसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज करने और दिशा सालियान की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच करने का निर्देश दिया।
इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की डिवीजन बेंच ने इस बात पर चिंता जताई थी कि परिवार की ओर से हत्या के आरोप लगाए जाने के बावजूद शुरुआत में केवल ADR दर्ज की गई थी। कोर्ट ने यह भी नोट किया था कि दिशा सालियान की मौत के पांच साल बाद तक उनके परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और ADR की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई थी।

