सोमवार से गणेशोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान शहर के अलग-अलग गणेश मंडलों की ओर से लोगों के लिए महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। महाप्रसाद तैयार करने के लिए मंडलों को अलग अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने साफ कर दिया है कि भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
गणेशोत्सव के दिनों में बड़ी संख्या में लोग महाप्रसाद के साथ पेड़े, बर्फी जैसी मिठाइयां, खोया, दूध और दूसरे डेयरी उत्पादों का सेवन करते हैं। इन खाद्य पदार्थों को तैयार करने, सुरक्षित रखने या लोगों तक पहुंचाने में सावधानी न बरती जाए तो फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। इसी वजह से FDA ने महाप्रसाद तैयार करने से लेकर उसके वितरण तक प्रत्येक चरण में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। जो गणेश मंडल स्वयं प्रसाद तैयार करेंगे, उन्हें इन सभी साफ-सफाई संबंधी नियमों का पालन करना होगा।
FDA ने मंडलों को यह भी निर्देश दिया है कि महाप्रसाद तैयार करने के लिए जरूरी कच्चा सामान केवल रजिस्टर्ड फूड बिजनेस ऑपरेटरों से ही लिया जाए। जांच के लिए पहुंचने वाले FDA अधिकारियों के साथ मंडलों से सहयोग करने की उम्मीद की गई है। FDA के जॉइंट कमिश्नर कृष्णा जयपुरकर ने लोगों से अपील की है कि भोजन की गुणवत्ता से संबंधित किसी भी शिकायत को टोल-फ्री नंबर 1800222365 या “FDA शिकायत वेबसाइट” (https://complaints.mahafda.in?utm_source=chatgpt.com) पर दर्ज कराएं।
महाप्रसाद तैयार करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- प्रसाद बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सभी खाद्य सामग्री रजिस्टर्ड फूड बिजनेस ऑपरेटरों से ही खरीदें।
- खाना तैयार करने के लिए चुनी गई जगह पूरी तरह साफ और हाइजीनिक होनी चाहिए।
- प्रसाद बनाने में उपयोग किए जाने वाले बर्तनों को अच्छी तरह साफ करके रखें। इन्हें ढककर और सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करें।
- कच्चे, सड़े या खराब फलों को प्रसाद में शामिल न करें।
- जरूरत के हिसाब से ही महाप्रसाद तैयार करें और अनावश्यक रूप से ज्यादा मात्रा न बनाएं।
- प्रसाद बनाने में इस्तेमाल होने वाला पानी पीने योग्य और सुरक्षित होना जरूरी है।
- खाना तैयार करने वाले वॉलंटियर्स को एप्रन, ग्लव्स और कैप सहित जरूरी सुरक्षात्मक गियर पहनना चाहिए।
- महाप्रसाद तैयार करने वाले व्यक्ति को त्वचा संबंधी बीमारी या किसी संक्रामक बीमारी से पीड़ित नहीं होना चाहिए।
- खोया, मावा और अन्य डेयरी उत्पादों के इस्तेमाल के दौरान विशेष सावधानी बरतें।
- दूध और डेयरी उत्पादों को 4°C या उससे कम तापमान में ही स्टोर किया जाना चाहिए।
- FDA के अधिकारी जांच के लिए पहुंचें तो उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएं।

