कंबोडिया मानव तस्करी गिरोह के खिलाफ एनआईए ने पांच आरोपियों पर चार्जशीट दायर
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी एवं साइबर गुलामी मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर बड़ी कार्यवाही की है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह अभी भी फरार है।
पटना में शुक्रवार को दाखिल चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने भ्रामक रोजगार के झांसे में युवाओं को विदेश भेजने का जाल बुना। एनआईए ने अभियुक्तों पर विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
चार्जशीट में फरार आनंद कुमार सिंह के अतिरिक्त अभय नाथ दुबे, अभिरंजन कुमार, रोहित यादव और प्रह्लाद कुमार सिंह के नाम शामिल हैं। अभय तथा रोहित उत्तर प्रदेश के और अभिरंजन बिहार के निवासी हैं। इन तीनों को फरवरी 2026 में कंबोडिया से लौटते समय गिरफ्तार किया गया था। प्रह्लाद कुमार सिंह जमानत पर बाहर है।
जांच में सामने आया कि गिरोह भारतीय युवाओं को कंबोडिया में उच्च वेतन वाली नौकरियों का झांसा देकर भेजता था, जहां पहुंचते ही उनके पासपोर्ट जब्त कर फर्जी साइबर कंपनियों में जबरन काम करवाया जाता था। विरोध करने पर उन्हें शारीरिक व मानसिक यातनाएं दी जाती थीं, जिनमें विद्युत झटका देना, बंदी बनाना और भोजन से वंचित करना शामिल था।
एनआईए ने यह भी स्पष्ट किया कि आनंद कुमार सिंह भारत में ट्रैवल एजेंटों और सब-एजेंटों के माध्यम से युवाओं की भर्ती करता था और कंबोडिया में अपने सहयोगियों के जरिए अवैध रूप से उन्हें विदेशी रोजगार के लिए भेजता था। प्रत्येक युवक से फर्जी कंपनी में बेचने के एवज में 2,000 से 3,000 अमेरिकी डॉलर की अवैध वसूली की जाती थी।
एजेंसी फिलहाल इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है तथा पूरे नेटवर्क की व्यापक जांच जारी है।