ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन अब केवल आवेदकों के मूल देश से होगा आवश्यक: ट्रम्प प्रशासन ने नई नीति घोषित की
अमेरिका में स्थायी निवास के लिए ग्रीन कार्ड प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले आवेदकों को अब अपने गृह देश से ही आवेदन करना होगा, अगर कोई “विशेष परिस्थितियाँ” न हों। यह घोषणा डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन ने की है, जिससे देश की आव्रजन नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।
ग्रीन कार्ड, जिसे आधिकारिक तौर पर परमानेंट रेसिडेंट कार्ड कहा जाता है, एक ऐसा दस्तावेज है जो धारक को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देता है। यह नई नीति अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) द्वारा लागू की गई है, जिसका उद्देश्य देश के आव्रजन तंत्र को कानून के अनुसार और प्रभावी रूप से संचालित करना है।
योजना में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन “विशेष परिस्थितियों” में आवेदक अपने देश से अलग स्थान से आवेदन कर सकते हैं। USCIS ने कहा है कि यह नीति अवैध प्रवासन को रोकने और उन लोगों को पहचानने में मदद करेगी जो निवास न मिलने पर छिपकर अमेरिका में रह जाते हैं।
स्रोतों के अनुसार, 2024 में लगभग 14 लाख ग्रीन कार्ड जारी किए गए, जिनमें से अधिकांश आवेदन करने वाले अमेरिका के भीतर ही थे। “एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस” के माध्यम से यह प्रक्रिया संभव होती है, जिसमें गैर-आप्रवासी वीज़ा पर रहने वाले व्यक्ति स्थायी निवास के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पिछले दो दशकों में प्रत्येक वर्ष लगभग 5 लाख से अधिक व्यक्ति इस प्रक्रिया के जरिये ग्रीन कार्ड प्राप्त करते रहे हैं, सिवाय 2020 के कोविड-19 महामारी वर्ष के। नई नीति इस प्रवृत्ति में बदलाव ला सकती है और अमेरिका की आव्रजन प्रणाली की दिशा तथा नियंत्रण को पुनः स्थापित करेगी।
इस नीति परिवर्तन का उद्देश्य न केवल आव्रजन प्रक्रियाओं को कानूनी रूप में सुदृढ़ करना है, बल्कि अप्रवासन संबंधी दुरुपयोग को भी रोकना है, ताकि देश की सीमाओं एवं नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।