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यदि छात्र सड़कों पर हैं, तो विरोधी दल भी होंगे: गांधी ने पुलिस कार्रवाई के लिए मोदी से मांगी माफी

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Jul 22, 2026 #source
‘If students are on streets, Opposition should be too’: Gandhi seeks Modi apology for police action

विरोधी दल को छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरना चाहिए: राहुल गांधी का मोदी सरकार पर आरोप

देश में छात्रों द्वारा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि यदि छात्र सड़कों पर हैं तो विपक्ष को भी उनके समर्थन में सड़कों पर आना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पुलिस कार्रवाई के लिए माफी मांगने की मांग की है।

राहुल गांधी ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब सोमवार को संसद मार्च के दौरान दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार पर कड़ी आलोचना की है।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का छूटका छोड़ा और लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हुए और कई वीडियो सामने आए जिसमें पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं और अन्य प्रदर्शनकारियों को प्रताड़ित करते हुए दिखाया गया।

राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की और इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने विरोध प्रदर्शन के वीडियो दिखाकर पुलिस की कड़ी भूमिका को उजागर किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

हालांकि दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश की, जिसके चलते सख्ती आवश्यक थी। लेकिन विपक्ष इस बात पर अड़ा है कि संवैधानिक अधिकारों का सम्मान होना चाहिए।

गांधी ने आगे कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पेलट गन का उपयोग भी किया, जिसमें कई लोगों को चोटें आईं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि वे इस मामले में देश के युवाओं से माफी मांगें और जांच कराएं।

इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

यह विवाद छात्रों की परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध का हिस्सा है, जिसे तुरंत शांत करने के बजाए राजनीतिक सरगर्मी का रूप दे दिया गया है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं और इसे संवैधानिक अधिकारों पर हमला मानते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि छात्रों और विरोधियों के बीच संवाद स्थापित कर स्थिति को नियंत्रित किया जाना चाहिए, ताकि लोकतंत्र की भावना बनी रहे।

इस परिप्रेक्ष्य में सरकार और पुलिस दोनों पर जनता के बीच विश्वास बनाए रखना आवश्यक माना जा रहा है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)