रियासी और रामबन जिले में लैंडस्लाइड ने मचाई भयंकर तबाहीJammu Landslide: जम्मू के रियासी जिले के माहौर क्षेत्र में प्रकृति का कोप देखने को मिला, जहां एक भयावह लैंडस्लाइड ने तबाही का मंजर पेश किया। इस प्रलयकारी घटना में कई घर मिट्टी की चपेट में बह गए, मानो धरती ने अपनी गोद में सब कुछ समेट लिया हो। करीब सात लोगों के लापता होने की सूचना से इलाके में शोक और चिंता की लहर दौड़ गई है। वहीं, रामबन जिले के राजगढ़ इलाके में भी लैंडस्लाइड ने कहर बरपाया। यहां तीन लोगों की दुखद मृत्यु की पुष्टि हुई है, जबकि दो अन्य अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें हिम्मत और संवेदना के साथ राहत कार्य में जुट गई हैं। इस हादसे में दो घर और एक स्कूल भी क्षतिग्रस्त हो गए, जो इस प्राकृतिक आपदा की गंभीरता को दर्शाता है।
बांदीपुरा में बादल फटने से मचा हाहाकार
जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा जिले के गुरेज सेक्टर में शुक्रवार (26 अगस्त) की रात को बादल फटने की घटना ने लोगों के दिलों में दहशत भर दी। सीमावर्ती गुरेज सेक्टर के तुलैल इलाके में अचानक बादल फटने से भारी बारिश ने प्रकृति का रौद्र रूप दिखाया। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन भयावह मंजर ने ग्रामीणों को सकते में डाल दिया।
44 ट्रेनें रद्द, रेल यातायात ठप
उत्तर रेलवे ने 30 अगस्त को जम्मू, कटरा और उधमपुर रेलवे स्टेशनों से संचालित होने वाली 46 ट्रेनों को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया, जिसने यात्रियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। मंगलवार को जम्मू में रिकॉर्ड तोड़ बारिश और अचानक आई बाढ़ ने पिछले चार दिनों से रेल यातायात को ठप कर दिया है। कई स्थानों पर रेल लाइनें टूट गईं, जिसके कारण कठुआ और उधमपुर के बीच रेल सेवाएं पूरी तरह बाधित हैं। इससे पहले, 29 अगस्त को 40 ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की गई थी, जो इस संकट की गहराई को बयान करती है।
अमित शाह का जम्मू दौरा, राहत की उम्मीद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार (31 अगस्त) को जम्मू क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे पर आ सकते हैं, ताकि हाल की रिकॉर्ड बारिश के बाद की स्थिति का जायजा लें और राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। इस प्राकृतिक आपदा में 110 से अधिक लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर तीर्थयात्री शामिल हैं, जबकि 32 अन्य अब भी लापता हैं। अमित शाह का यह दौरा, जो पिछले तीन महीनों में उनका जम्मू का दूसरा दौरा होगा, प्रभावितों के लिए एक नई उम्मीद की किरण बन सकता है।