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कानपुर कृषि विश्वविद्यालय का अनोखा जाल, कीटनाशक मुक्त खेती को मिलेगी नई दिशा, कीट के सेक्सुअल हार्मोंस से बचाई जायेगी किसानो की फसल

Report By : Shariq Khan Kanpur (UP)

किसानो के खेतो की फसलों को चट कर जाने वाले कीटों का इलाज मिल गया है जिससे किसानो के चेहरे खुशी से खिल उठे है आपको बता दे की कानपुर के कृषि विश्वविद्यालय में एक अनोखे तरीके का जाल तैयार किया गया है, जो फसलों को नुकसान से बचाने में अत्यंत कारगर साबित हो रहा है। यह जाल किसानों को न केवल कीटों से बचाएगा, बल्कि फसलों पर रसायनों के छिड़काव की आवश्यकता को भी कम करेगा। आमतौर पर किसान कीटों के खतरे के चलते फसलों पर रसायन का छिड़काव करते थे, जिससे कुछ प्रतिशत रसायन फसलों में भी पहुंच जाता था और उसे खाने के दौरान वह हमारे शरीर में प्रवेश करता था। इससे कई बीमारियों का खतरा बना रहता था।

इस नये जाल में मादा कीट के सेक्सुअल हार्मोंस को चारे की तरह इस्तेमाल किया जाता है, जिससे नर कीट भ्रमित होकर इस जाल में फंस जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फसलों को मुख्य रूप से नर कीट ही नुकसान पहुंचाते हैं। यह प्रयोग विभिन्न फसलों के समय पर किया जा सकता है, क्योंकि विभिन्न फसलों के दौरान अलग-अलग कीट उन्हें बर्बाद करते हैं। इस जाल की मदद से उन्हें फंसाकर फसलों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अंकित और प्रोफेसर ओमेंद्र शर्मा ने बताया कि इस तकनीक का प्रयोग किसानों को फसलों को बर्बाद होने से बचाने में मदद करेगा। पिछली तकनीकों की तुलना में यह विधि अधिक सुरक्षित और प्रभावी है। इसके लिए किसानों को जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जैसे किसान मेले और अन्य माध्यमों से उन्होंने यह भी जानकारी दी कि किसान इस जाल के लिए मादा कीट के सेक्सुअल हार्मोंस कुछ विशेष दुकानों से खरीद सकते हैं, जहां कीटनाशक दवाइयां मिलती हैं।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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