मुंबई। महाराष्ट्र में नवरात्रि शुरू होने से पहले गरबा और दांडिया आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर विवाद बढ़ गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने आयोजकों से मुस्लिमों को प्रवेश नहीं देने और कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की पहचान की जांच करने की अपील की है। इस मुद्दे पर अब अलग-अलग राजनीतिक नेताओं की अलग राय सामने आ रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने धार्मिक आधार पर किसी को गरबा में शामिल होने से रोकने की बात से असहमति जताई है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी VHP के रुख का विरोध किया है। दूसरी ओर, महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने VHP की अपील का समर्थन किया है।
VHP ने आयोजकों के लिए दिए निर्देश
VHP ने आगामी नवरात्रि के दौरान महाराष्ट्र में होने वाले गरबा और दांडिया कार्यक्रमों को लेकर कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं। संगठन ने आयोजकों से प्रतिभागियों की पहचान सत्यापित करने और हिंदू पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार कार्ड की जांच तथा माथे पर तिलक लगाने जैसे उपाय अपनाने को कहा है।
VHP के प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर के मुताबिक, नवरात्रि केवल नृत्य और मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि देवी की पूजा से जुड़ा धार्मिक पर्व है। संगठन का कहना है कि इसी आधार पर वह गरबा और दांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों की भागीदारी के खिलाफ है।
अमृता फडणवीस ने जताई अलग राय
VHP के रुख से अलग अमृता फडणवीस ने कहा कि त्योहारों में सभी को साथ लेकर चलने की भावना होनी चाहिए। उनका कहना था कि अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति गरबा में आता है, उत्सव का आनंद लेता है और शांतिपूर्वक वापस चला जाता है, तो उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं है।
हालांकि, अमृता फडणवीस ने यह भी कहा कि VHP की ओर से प्रतिबंध के पीछे दिए गए कारणों का उन्होंने विस्तार से अध्ययन नहीं किया है। उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक बहस और तेज हो गई है।
रामदास आठवले ने भी किया विरोध
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी धार्मिक पहचान के आधार पर गरबा और दांडिया में प्रवेश रोकने के विचार का विरोध किया है। उनका कहना है कि ये आयोजन देश की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं और इनमें धर्म के आधार पर किसी को बाहर करना उचित नहीं है।
नितेश राणे ने किया VHP का समर्थन
वहीं, भाजपा नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने VHP की अपील का समर्थन किया है। उन्होंने दावा किया कि गरबा और नवरात्रि जैसे आयोजनों के दौरान ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ते हैं। राणे ने कार्यक्रमों में शामिल होने वालों की पहचान जांचने और प्रवेश से पहले हनुमान चालीसा का पाठ कराने की बात भी कही है।
इस तरह महाराष्ट्र में नवरात्रि से पहले गरबा-दांडिया में प्रवेश का मुद्दा धार्मिक आयोजनों, पहचान जांच और अलग-अलग राजनीतिक नेताओं के बयानों के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है।

