महाराष्ट्र के कल्याण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की एक शादीशुदा महिला की शिकायत के आधार पर पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र पवार और बर्खास्त पुलिसकर्मी शैलेश पाटिल के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि घरेलू विवाद को सुलझाने में मदद करने के बहाने महिला को फार्महाउस ले जाया गया था।
महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते के निर्देश के बाद पडघा पुलिस ने गुरुवार तड़के FIR दर्ज की। शिकायत के अनुसार, महिला अपने पति के साथ चल रहे घरेलू विवाद के समाधान के लिए नरेंद्र पवार से मदद मांगने पहुंची थी।
विवाद सुलझाने के नाम पर ऑफिस बुलाया
महिला के मुताबिक, 13 सितंबर को नरेंद्र पवार ने मामले में मदद करने की बात कहकर उसे कल्याण स्थित अपने ऑफिस में बुलाया। इसके बाद उसे भिवंडी तालुका के बापगांव गांव स्थित एक फार्महाउस ले जाया गया।
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि फार्महाउस पर शैलेश पाटिल ने हथियार दिखाकर उसे डराया और जबरन शराब पिलाई। इसके बाद आरोप है कि नरेंद्र पवार ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। बाद में पवार वहां से चला गया और महिला के मुताबिक शैलेश पाटिल ने भी उसके साथ गलत हरकत की।
घटना के बाद सुबह करीब 4 बजे पाटिल के घरेलू केयरटेकर ने महिला को उसके घर पहुंचाया। घटना के बाद सदमे में रही महिला ने 16 सितंबर को सोशल मीडिया से मिली जानकारी के आधार पर कल्याण-डोंबिवली नगर निगम की कांग्रेस पार्षद कंचन कुलकर्णी से संपर्क किया।
वीडियो और सबूत देखने के बाद पुलिस स्टेशन पहुंचीं पार्षद
महिला ने कंचन कुलकर्णी को घटना से संबंधित वीडियो और अन्य सबूत दिखाए। इनकी जांच करने के बाद कुलकर्णी बुधवार देर रात पीड़िता के साथ पडघा पुलिस स्टेशन पहुंचीं।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत की पुष्टि के बाद नरेंद्र पवार और शैलेश पाटिल के खिलाफ गैंगरेप और हथियारों के जरिए आपराधिक धमकी देने समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज की गई।
कंचन कुलकर्णी ने मीडिया से बातचीत में आरोपियों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने यह भी बताया कि शैलेश पाटिल के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है।

