मुंबई–पुणे मिसिंग लिंक टनल बनी विश्व की सबसे चौड़ी भूमिगत सड़क सुरंग, गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज
महाराष्ट्र के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है, जहां यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेसवे के तहत बने मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट की सुरंग को गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा विश्व की सबसे चौड़ी भूमिगत सड़क सुरंग के रूप में मान्यता दी गई है। यह सुरंग 22.33 मीटर चौड़ी मापी गई है और इसका औपचारिक सम्मान महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह में किया गया। इस रिकॉर्ड प्रमाण पत्र को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं, सरकारी अधिकारियों, इंजीनियरों एवं परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रदान किया गया।
यह सुरंग मुंबई व पुणे के बीच कनेक्टिविटी सुधारने के उद्देश्य से तैयार किए गए महत्वाकांक्षी मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा है। खोपोली और लोनावला के बीच इस रास्ते को तैयार करने से यात्रा समय में लगभग 25 मिनट की कटौती होगी और भारत के सबसे व्यस्त एक्सप्रेसवे मार्ग पर दबाव कम होगा। भारी तथा दुर्घटना-प्रवण घाट मार्ग को बाईपास कर इस सुरंग के माध्यम से बेहतर सुरक्षा एवं सुस्पष्ट यातायात प्रवाह की उम्मीद है।
गिनीज़ प्रमाण पत्र प्रदान करने से पहले विस्तार से तकनीकी प्रस्तुति दी गई। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम के इंजीनियरों और निर्माण कंपनी नवयुग के प्रतिनिधियों ने पश्चिमी घाट की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सुरंग निर्माण के दौरान आई चुनौतियों को साझा किया। इस परियोजना को इसके पैमाने, जटिल स्थलाकृति एवं उन्नत निर्माण तकनीकों के कारण एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि के रूप में माना गया।
इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं सुनेत्री अजित पवार, सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंह राजे भोसले, रोजगार गारंटी योजना मंत्री भारत गोगावले, महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिति तटकरे तथा अन्य वरिष्ठ नेता सम्मिलित थे। साथ ही संसद सदस्य एवं विधायकों की भी उपस्थिति रही।
हालांकि, उद्घाटन समारोह के दौरान भारी ट्रैफिक जाम की वजह से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में यातायात बाधित हुआ। वीआईपी मूवमेंट की व्यवस्था के चलते कुछ लेन बंद करनी पड़ीं, जिससे लंबे वीकेंड के यातायात में भारी भीड़ हो गई और कई यात्रियों को घोड़ाबाड़ी गर्मी में घंटों फंसे रहना पड़ा। समारोह के देर से शुरू होने की वजह भी ट्रैफिक जाम बताई गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यहां पहुंचने वाले यात्रियों से हुई असुविधा के लिए माफी मांगी और कहा कि सुप्रिया sule भी ट्रैफिक में फंसी थीं और उनकी शिकायत आयोजकों तक पहुंची थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में मिसिंग लिंक के चालू होने से ऐसी भीड़ से बचा जाएगा। इस परियोजना को महायुति सरकार की एक बड़ी उपलब्धि भी बताया गया।
कुल मिलाकर, मिसिंग लिंक टनल को न केवल एक इंजीनियरिंग मील का पत्थर माना जा रहा है, बल्कि महाराष्ट्र के लिए एक व्यावहारिक परिवहन समाधान भी माना जा रहा है। इसकी गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड मान्यता ने परियोजना को वैश्विक महत्व प्रदान किया है, जबकि असली सफलता का पैमाना मुंबई और पुणे के बीच यातायात के बेहतर, सुरक्षित तथा तेज प्रवाह से आंकी जाएगी।