Report By : ICN Network
Noida News : जाति जनगणना को लेकर केंद्र सरकार के निर्णय के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को नोएडा में ‘जाति जनगणना वैचारिक विजय मार्च’ निकाला। रैली अट्टा पीर चौराहे से सेक्टर-37 तक निकाली गई, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में बैनर लेकर नारेबाजी करते हुए शामिल हुए। रैली में कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि यह निर्णय राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के निरंतर दबाव का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिसकी मांग कांग्रेस लंबे समय से कर रही थी।
Noida News : कांग्रेस नेताओं ने दी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता प्रदीप नरवाल ने कहा कि जाति जनगणना केवल आंकड़ों की गिनती नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की बुनियाद है। राहुल गांधी ने संसद से लेकर जनसभा तक बार-बार इसकी वकालत की है। कांग्रेस का वादा था कि हम केंद्र सरकार को जनगणना के लिए बाध्य करेंगे और आज वह वादा पूरा हुआ है। वहीं कांग्रेस नेता दीपक भाटी चोटीवाला कि यह सिर्फ कांग्रेस की वैचारिक जीत नहीं, बल्कि देश की पिछड़ी, दलित और वंचित जातियों की ऐतिहासिक विजय है। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश यादव ने कहा कि यह निर्णय दर्शाता है कि राहुल गांधी एक दूरदर्शी नेता हैं। जब-जब उन्होंने सरकार को चेताया, तब-तब सरकार को अपने फैसले बदलने पड़े हैं।
Noida News : 1931 के बाद पहली बार होगी जातीय जनगणना
आपको बता दें कि भारत में अंतिम जातीय जनगणना 1931 में ब्रिटिश शासन के दौरान कराई गई थी। 2021 में जनगणना की योजना थी, लेकिन कोविड महामारी के चलते यह टल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह निर्णय 140 करोड़ भारतीयों के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह जनगणना सरकारी योजनाओं और नौकरियों में पिछड़े वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद करेगी। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारें, विशेष रूप से कांग्रेस, केवल आश्वासन देती रहीं लेकिन कभी भी इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया।

