नोएडा में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह अहम अपडेट है। अब प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के दौरान अगर रजिस्ट्रेशन फीस 20,000 रुपये से ज्यादा है, तो उसका भुगतान ऑनलाइन करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था हाल ही में लागू हुई है, जिसका मकसद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद लिया गया है। पहले चार जिलों में परीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस सिस्टम को नोएडा समेत पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। इसके चलते अब नोएडा में करीब 95 फीसदी रजिस्ट्रेशन फीस ऑनलाइन माध्यम से जमा की जा रही है।
पहले रजिस्ट्रेशन फीस नकद दी जाती थी, लेकिन अब रजिस्ट्री कार्यालय में भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है। नए नियम लागू होने के बाद अब तक 1,138 लोगों ने अपनी प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज, लीज और एग्रीमेंट का पंजीकरण कराया है।
हालांकि, सिस्टम की शुरुआत के दौरान कुछ तकनीकी दिक्कतें भी सामने आईं। सोमवार को लॉन्च हुए इस नए सिस्टम के पहले दिन ट्रेजरी पोर्टल में समस्याएं रहीं, फिर भी 572 रजिस्ट्रेशन पूरे किए गए। दूसरे दिन भी तकनीकी अड़चनें बनी रहीं, जिसके चलते 566 रजिस्ट्रेशन ही हो सके।
इस मामले पर एआईजी अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था से रजिस्ट्रेशन फीस सीधे ट्रेजरी में जमा होगी, जिससे विभागीय कामकाज आसान होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। शुरुआती तकनीकी समस्याओं को जल्द दूर कर लिया जाएगा।
गौरतलब है कि नोएडा को अक्सर दिल्ली का विस्तार माना जाता है, लेकिन यह शहर अब एक बड़े कॉर्पोरेट और रेजिडेंशियल हब के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है। ऊंची इमारतों, आईटी पार्क्स के साथ-साथ यहां शॉपिंग, मनोरंजन और प्रकृति का अनोखा मेल देखने को मिलता है, जो इसे खास बनाता है।