मंगलवार को पूरे दिन पानी न आने के कारण नाराज निवासियों ने देर रात बिल्डर प्रबंधन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। बुधवार सुबह कुछ समय के लिए पानी आया, जिससे लोग जरूरी काम निपटा सके, लेकिन सुबह करीब 10 बजे के बाद फिर सप्लाई बंद हो गई। इसके बाद मंगवाए गए टैंकर भी जरूरत के हिसाब से कम थे।
निवासियों ने कहा कि बिल्डर प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से कम जलापूर्ति का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रहा है, जबकि प्राधिकरण स्तर पर भी शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा। उनका कहना है कि दोनों पक्षों की लापरवाही का खामियाजा सोसाइटी में रहने वाले हजारों लोग भुगतना पड़ रहा है।
सोसाइटी के सीईओ अंकुर नागर ने बताया कि प्राधिकरण की लाइन में आई तकनीकी कमी को ठीक कर दिया गया है। अब धीरे-धीरे सभी टावरों में जलापूर्ति बहाल की जा रही है। हालांकि, निवासियों का कहना है कि जब तक नियमित आपूर्ति शुरू नहीं होती, तब तक राहत की उम्मीद नहीं है।

