पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी, वैश्विक तेल दरें बनीं मुख्य कारण
पेट्रोल और डीज़ल की दरों में शनिवार को 10 दिनों के भीतर तीसरी बार वृद्धि की गई है। यह कदम पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक तेल की ऊंची कीमतों के बीच आया है।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में प्रति लीटर 87 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। अब यह 98.64 रुपये की जगह 99.51 रुपये प्रति लीटर बिकेगा। वहीं, डीज़ल की कीमत में 91 पैसे का इजाफा किया गया है, जो अब 91.58 रुपये से बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
कोलकाता में पेट्रोल की कीमतें 94 पैसे बढ़कर 109.7 रुपये से 110.6 रुपये प्रति लीटर पहुंच गईं। वहीं, डीज़ल की कीमतें 95 पैसे की वृद्धि के साथ 97 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं।
मुंबई में पेट्रोल की कीमत 90 पैसे बढ़कर 108.4 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की दर 94 पैसे बढ़कर 95 रुपये प्रति लीटर हो गई है। चेन्नई में भी पेट्रोल की कीमत 82 पैसे बढ़कर 105.3 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत 87 पैसे बढ़कर 96.9 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
15 मई को देशभर में पेट्रोल और डीज़ल दोनों की कीमतों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को भी तेल विपणन कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई थीं।
यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे तेल विपणन कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है।
हालांकि कुछ राहत मिली है, लेकिन ब्रेंट क्रूड की कीमत शुक्रवार को 103 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करती रही, जबकि सप्ताह की शुरुआत में यह 106 डॉलर तक पहुंच चुकी थी। यह संकेत देता है कि वैश्विक बाजारों में तेल की मांग और आपूर्ति पर अनिश्चितता बनी हुई है।
इस बढ़त के चलते आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन महंगा हो गया है, जिससे परिवहन और अन्य लागतों में वृद्धि हो सकती है। सरकार और तेल कंपनियां इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और कीमतों में स्थिरता लाने के प्रयास जारी रखे हुए हैं।
इस संदर्भ में आगामी दिनों में तेल मूल्य प्रवृत्ति पर वैश्विक घटनाक्रम की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।