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PM मोदी ने किया विझिंजम इंटरनेशनल डीपवाटर पोर्ट का उद्घाटन, अदाणी ग्रुप ने 8,900 करोड़ में किया निर्माण

Report By : ICN Network

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केरल के तट पर स्थित विझिंजम इंटरनेशनल डीपवाटर मल्टीपर्पज पोर्ट का उद्घाटन किया। यह पोर्ट भारत का पहला डेडिकेटेड कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट है और इसे अदाणी ग्रुप द्वारा 8,900 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। यह देश का सबसे गहरे पानी वाला और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बंदरगाह है।

गौतम अदाणी ने जताया गर्व
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने उद्घाटन के अवसर पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज विझिंजम में इतिहास, नियति और संभावना एक साथ आए। केरल का 30 साल पुराना सपना अब दुनिया के लिए भारत का प्रवेशद्वार बन गया है। हमें भारत का पहला गहरे समुद्र में स्वचालित बंदरगाह बनाने पर गर्व है। यह भविष्य का वैश्विक ट्रांसशिपमेंट हब बनेगा। यह दूरदर्शिता, लचीलापन और साझेदारी की जीत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद। हम एक साथ मिलकर एक मजबूत और साहसी भारत की ओर बढ़ रहे हैं। जय हिंद।

पीएम मोदी का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विझिंजम पोर्ट के शुरू होने से केरल को वैश्विक व्यापार में नई पहचान मिलेगी और देश की आर्थिक स्थिरता को बल मिलेगा। उन्होंने बताया कि भारत अब शिपिंग यात्रियों की संख्या में दुनिया के टॉप-3 देशों में शामिल हो गया है। पिछले 10 वर्षों में भारतीय बंदरगाहों की क्षमता दोगुनी हुई है, टर्नअराउंड समय में 30% की कमी आई है। यह बंदरगाह आर्थिक, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक दृष्टिकोण से मील का पत्थरसाबित होगा।

आगे पीएम मोदी ने मजाकिया लहजे में कहा कि गुजरात के लोगों को यह जानकर थोड़ी निराशा हो सकती है कि गौतम अदाणी, जो गुजरात से हैं, उन्होंने इतना बड़ा बंदरगाह केरल में बनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि केरल के बंदरगाह मंत्री द्वारा अदाणी ग्रुप को वामपंथी सरकार का साझेदार बताना भारत में बदलते राजनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण का संकेत है।

समझे क्या है पोर्ट का महत्व ?
इस बंदरगाह का विकास Adani Ports and Special Economic Zone Ltd (APSEZ) ने किया है, जो भारत का सबसे बड़ा पोर्ट डेवलपर है। विझिंजम पोर्ट को 4 दिसंबर 2023 को वाणिज्यिक कमीशनिंग प्रमाणपत्र मिला था। विझिंजम पोर्ट से भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद मिलेगी और यह दक्षिण भारत के व्यापारिक और नौवहन गतिविधियों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )