• Mon. Jun 8th, 2026

नोएडा: आरडब्ल्यूए के साथ हर महीने पुलिस अधिकारी करेंगे बैठक

शहर के पार्कों में अराजकता को दूर करने के लिए अलग-अलग जोन के डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी अपने अपने क्षेत्र में तीन महीने के लिए एक-एक पार्क को गोद लेंगे। सेक्टर 62 से 59 तक लगने वाले जाम का समाधान होगा। यह बात सेक्टर 52 स्थित फोनरवा कार्यालय में रविवार को आयोजित बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने की।

फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने बताया कि बैठक के दौरान नियमित पुलिस गश्त की कमी, यातायात जाम, पार्कों में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां, किरायेदारों व सुरक्षा एजेंसियों का सत्यापन और साप्ताहिक बाजारों के कारण उत्पन्न ट्रैफिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। सेक्टर-63 क्षेत्र से जुड़े आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने सेक्टर 62 से लेकर सेक्टर 59 तक लगातार लगने वाले जाम और पुलिस गश्त की कमी की शिकायत की, जिस पर पुलिस कमिश्नर ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। फोनरवा महासचिव केके जैन ने बताया कि पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रत्येक पुलिस अधिकारी को एक-एक पार्क की जिम्मेदारी सौंपने की नई पहल की घोषणा भी की। इसके साथ ही उन्होंने आरडब्ल्यूए से अपील की है कि वे केवल सत्यापित सुरक्षा एजेंसियों की सेवाएं ही लें, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रहे।
साप्ताहिक बाजारों से दूर होगी जान की समस्या : सेक्टर 72, एलिवेटेड रोड समेत अन्य स्थानों पर लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दौरान चोरी की घटनाओं, वेंडरों द्वारा सेक्टरों के गेट घेरकर खड़े होने वाली समस्याओं व जाम की समस्या को लेकर शिकायत की गई। पुलिस कमिश्नर ने ऐसे साप्ताहिक बाजारों के दौरान लगने वाले जाम के स्थायी समाधान के लिए नोएडा प्राधिकरण के साथ समन्वय का आश्वासन भी दिया गया।
अक्सर आती हैं पार्क में अराजकता की शिकायतें : बता दें, सेक्टर निवासियों की ओर से अक्सर शाम होते ही पार्कों में अराजकता बढ़ने, नशे का सेवन करने और अन्य गतिविधियों को लेकर बार बार चिंता जताई गई, लेकिन स्थानीय पुलिसकर्मी उसका स्थायी समाधान नहीं निकाल सके। इसके बाद जब आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने यह बात पुलिस कमिश्नर के सामने रखी, जिसके बाद उन्होंने ऐसी समस्या पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान की शुरुआत करने की बात कही है

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )