सरकार ने ग्रीन हेल्पलाइन नंबर 1800118600 को दोबारा सक्रिय किया है। साथ ही, ग्रीन हेल्पलाइन पोर्टल (https://ghl.eforest.delhi.gov.in) भी है। इन्हें प्रचारित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका उपयोग करे। शिकायत मिलते ही सूचना संबंधित फील्ड अधिकारियों तक तुरंत भेजी जाएगी। इसके बाद मुख्यालय और डिवीजन स्तर पर बनाई गई क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) तय समय सीमा में मौके पर पहुंचेगी। ये टीमें मौके पर जाकर आगे नुकसान रोकेंगी, स्थिति की जांच करेंगी और जियो टैग्ड फोटो व वीडियो के जरिए सबूत जुटाएंगी। इससे कार्रवाई में पारदर्शिता रहेगी और बाद में दोषियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया जा सकेगा। वन विभाग के बढ़ाए गए अधिकार
फील्ड स्तर पर वन विभाग के अधिकारियों को भी ज्यादा अधिकार दिए गए हैं। बीट ऑफिसर और ट्री ऑफिसर अब उल्लंघन रोकने के लिए मौके पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर अपराध में इस्तेमाल मशीन, औजार या अन्य सामान जब्त किया जा सकेगा। पुलिस और दूसरी एजेंसियों से भी समन्वय कर कार्रवाई होगी। सरकार ने 24 घंटे निगरानी के लिए फॉरेस्ट कंट्रोल रूम और डिवीजन स्तर पर अलग कंट्रोल रूम बनाए हैं। ये कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम करेंगे और शिकायतों की निगरानी करेंगे। किसी गंभीर मामले में तुरंत टीम भेजने और अन्य विभागों से संपर्क करने की जिम्मेदारी भी इन्हीं की होगी। अवैध गतिविधि की तुरंत दें सूचना: रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की हरियाली की रक्षा सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है। पेड़ संरक्षण कानूनों का उल्लंघन अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं पेड़ों की कटाई, नुकसान या अवैध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें। समय पर शिकायत मिलने से नुकसान रोका जा सकेगा और दोषियों पर कार्रवाई आसान होगी। नई एसओपी के तहत शिकायत पर संबंधित विभाग तुरंत मौके पर पहुंचेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मामलों में देरी न हो

