दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि राजधानी के अनएडेड निजी स्कूलों के कर्मचारी भी सरकारी स्कूलों के कर्मचारियों के समान चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) का लाभ लेने के हकदार हैं। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने यह फैसला देते हुए एकल न्यायाधीश के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें भर्ती पब्लिक स्कूल की शिक्षिका संगीता नेगी की याचिका खारिज कर दी गई थी।
शिक्षिका संगीता नेगी ने अपने बेटे की देखभाल के लिए मई से सितंबर 2025 तक चाइल्ड केयर लीव मांगी थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इसे अस्वीकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। एकल न्यायाधीश ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ उन्होंने अपील की।
कोर्ट ने दिल्ली स्कूल एजुकेशन रूल्स, 1973 के नियम 111 का हवाला देते हुए कहा कि मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों (चाहे वे एडेड हों या अनएडेड) के कर्मचारियों को सरकारी स्कूलों के समकक्ष कर्मचारियों के बराबर सभी प्रकार की छुट्टियों का लाभ मिलना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि चाइल्ड केयर लीव परिवार कल्याण और बच्चों के हित की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक उद्देश्य की पूर्ति करती है। इसलिए यह लाभ निजी स्कूलों के कर्मचारियों को भी उपलब्ध होना चाहिए।

