23 जनवरी को कीमती धातुओं के बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला। सिल्वर ने पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार कर इतिहास रच दिया। शंघाई से न्यूयॉर्क तक मजबूत मांग और सुरक्षित निवेश की चाहत ने इसकी कीमतों को नई उड़ान दी है।
शुक्रवार को स्पॉट सिल्वर 4.2 फीसदी की तेजी के साथ 100.29 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। साल 2026 में अब तक चांदी करीब 40 फीसदी का रिटर्न दे चुकी है। 2025 में भी इसने निवेशकों को शानदार मुनाफा दिया था, जब इसकी कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई थीं।
सोना भी पीछे नहीं रहा। 23 जनवरी को गोल्ड की कीमतें 5,000 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गईं—यह स्तर पहली बार देखने को मिला है। न्यूयॉर्क समयानुसार सुबह 11:02 बजे स्पॉट गोल्ड 4,961.74 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। इस सप्ताह गोल्ड में करीब 8 फीसदी की तेजी संभव है, जो मार्च 2020 के बाद किसी एक हफ्ते का सबसे बड़ा उछाल हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ नीतियां, भू-राजनीतिक तनाव और नरम मौद्रिक रुख ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है। डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से बाजार में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका फायदा गोल्ड और सिल्वर को मिला है।
सिल्वर की सप्लाई पिछले पांच सालों से डिमांड के मुकाबले कम रही है, जिससे कीमतों को लगातार सहारा मिला। चीन में निवेशक इसे सोने के विकल्प के तौर पर देख रहे हैं और जमकर खरीदारी कर रहे हैं। कुछ ग्लोबल बैंकों ने पहले ही अनुमान जताया था कि सिल्वर तीन अंकों (डॉलर प्रति औंस) में पहुंच सकता है। जनवरी में सिटीग्रुप ने अपने शॉर्ट-टर्म टारगेट को बढ़ाकर 100 डॉलर प्रति औंस कर दिया था, साथ ही गोल्ड के 5,000 डॉलर तक जाने का भी अनुमान लगाया था।
इस बीच प्लैटिनम की कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। कुल मिलाकर, कीमती धातुओं का बाजार इस समय जबरदस्त तेजी के दौर से गुजर रहा है।