नोएडा शहर की आम लोगों व गरीब ,मजदूर, किसान, युवा और मध्यम वर्ग की समस्याओं को लेकर सपा नोएडा महानगर ने महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता के अध्यक्षता में सेक्टर-19 स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी गौतम बुध नगर के नाम एक 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
महानगर अध्यक्ष डॉक्टर आश्रय गुप्ता ने कहा कि यदि नोएडा की एक-तिहाई आबादी (मजदूर व गरीब वर्ग) की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह वर्ग शहर से पलायन करने को मजबूर हो जाएगा “महंगे शहर में गरीबों का जीना दूभर”
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सचिव सुनील चौधरी ने कहा कि नोएडा में रहने वाली बड़ी आबादी मेहनत-कश मजदूरों की है, जो बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ इन पात्र लोगों तक नहीं पहुंच रहा है। ज्ञापन में दी गई 9 प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- निजी स्कूलों की ‘लूट’ पर लगाम:
प्राइवेट स्कूल कभी भी फीस बढ़ा देते हैं और ड्रेस व किताबों के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। इसे तुरंत बंद करने की मांग की गई है। - सरकारी अस्पतालों की बदहाली: नोएडा के सरकारी अस्पतालों में अनुभवी डॉक्टरों और आधुनिक सुविधाओं की कमी है। गंभीर स्थिति में मरीजों को दिल्ली रेफर कर दिया जाता है। साथ ही, अस्पताल परिसर में अवैध वसूली और पार्किंग के नाम पर लिए जा रहे पैसों को बंद करने की मांग की गई।
- छोटे गैस सिलेंडरों की समस्या: मजदूर वर्ग द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 5 किलो के सिलेंडर की रिफिलिंग में भारी धांधली हो रही है। लोगों को इसके लिए मुंहमांगी कीमत देनी पड़ रही है, जिस पर प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने को कहा गया है।
- स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार व आयुष्मान कार्ड: प्राइवेट अस्पतालों में टेस्ट और मेडिक्लेम के नाम पर जनता को ठगा जा रहा है। सपा ने मांग की है कि सभी निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से स्वीकार किए जाएं और गरीबों को मुफ्त इलाज मिले।
- सब-रजिस्ट्रार ऑफिस का आधुनिकीकरण: करोड़ों का राजस्व देने वाले सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में मूलभूत सुविधाओं (पानी, पंखे, शौचालय) का अभाव है। इसे हाईटेक बनाने और जनता के समय की बचत सुनिश्चित करने की मांग की गई।
- आगजनी और सड़क हादसों से बचाव: बढ़ती गर्मी को देखते हुए मांग की गई है कि हर 2 किलोमीटर के दायरे में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात हों और तंग गलियों के लिए विशेष अग्निशमन व्यवस्था की जाए।
- लाइसेंस प्रक्रिया का सरलीकरण: पहले जो ड्राइविंग लाइसेंस कुछ घंटों में बन जाते थे, अब उसके लिए लोगों को पूरा दिन और मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। इस प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने की मांग उठाई गई।
- निर्दोष श्रमिकों की रिहाई: विभिन्न कंपनियों में आंदोलनों के दौरान जेल भेजे गए बेगुनाह मजदूरों को तुरंत रिहा करने, उनके मुकदमे वापस लेने और उन्हें उचित क्षतिपूर्ति देने की मांग की गई।
- आवंटित जमीनों की शर्तों का उल्लंघन:
नोएडा प्राधिकरण ने जिन निजी स्कूलों और अस्पतालों को कौड़ियों के भाव जमीन दी थी, वे गरीबों को सस्ता इलाज और शिक्षा नहीं दे रहे हैं। यह सीधे तौर पर आवंटन की शर्तों का उल्लंघन है और ऐसे संस्थानों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
महानगर महासचिव विकास यादव व मीडिया प्रभारी गौरव कुमार यादव ने कहा कि नोएडा जैसे महंगे शहर में आम आदमी का दम घुट रहा है। यदि इन मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। प्रदर्शन में मौजूद मुख्य लोगों में
ओमपाल राणा, भीष्म यादव, मोहम्मद नौशाद, गौरव कुमार यादव ,रामवीर यादव, कालू यादव, महकार तंवर, मनोज गोयल ,बाबूलाल बंसल, अंकुर यादव ,उदय सिंह, राणा मुखर्जी ,शादाब खान, सतवीर यादव ,मोहित यादव , राजेश अंवावत, लोकेश यादव, बिल्लू सैफी, हीरालाल यादव ,यामीन ,शालिनी खारी, बबली शर्मा ,राम सहेली, मुन्ना आलम, लोकपाल पहलवान, केपी यादव,वीरपाल प्रधान, वीरपाल अवाना, कमल सिंह गौतम, विमला, गुलजार अल्वी, सौरभ चौहान, संजय धीगान, अनीस सैफी, दीपक कुमार, वसीम, मोहम्मद सद्दाम , नरेश कुमार ,उदय भान, सुनील कुमार ,जितेंद्र कुमार गुप्ता, रियासत अंसारी ,कमल सिंह ,मनोज गौतम मुख्य रूप से मौजूद रहे।

