• Sun. Oct 4th, 2026

India Core News | Read Latest Trending News..

आपका इंडिया आपकी न्यूज़

सुप्रीम कोर्ट को पांच नए न्यायाधीश मिले, राष्ट्रपति ने नियुक्ति पर लगाई मुहर

सुप्रीम कोर्ट को पांच नए जज मिले, राष्ट्रपति ने नियुक्ति पर लगाई मुहर

सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति, राष्ट्रपति ने मंजूरी दी

नई दिल्ली। भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायालय में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की है, जिन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आधिकारिक रूप से मंजूरी प्रदान की है। ये नियुक्तियां देश के न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाल ही में पांच नाम राष्ट्रपति को सिफारिश के लिए भेजे थे। इसमें चार न्यायाधीश विभिन्न हाईकोर्टों के मुख्य न्यायाधीश हैं और एक नाम एक वरिष्ठ अधिवक्ता का भी शामिल है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस महत्वपूर्ण खबर की पुष्टि की है।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ट्विटर पर लिखा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत राष्ट्रपति ने मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के पश्चात न्यायमूर्ति शील नागू (पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट), न्यायमूर्ति चंद्रशेखर (बॉम्बे हाईकोर्ट), न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा (मध्य प्रदेश हाईकोर्ट), न्यायमूर्ति अरुण पल्ली (जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट) तथा वरिष्ठ अधिवक्ता वी. सुब्रमणि मोहना को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है। मंत्री ने सभी नए न्यायाधीशों को शुभकामनाएं भी दीं।

विशेष रूप से, वी. सुब्रमणि मोहना वे विरले वकील हैं जिन्होंने सीधे अधिवक्ता से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनने का मार्ग प्रशस्त किया है। उनका संबंध किसी कानूनी परिवार से नहीं है। वे वर्ष 1983 में भारत में शुरू हुए पांच वर्षीय एकीकृत विधि पाठ्यक्रम के पहले बैच की छात्रा रही हैं, जिसने उन्हें कानून के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान दिलाई।

साथ ही यह उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढाकर 33 से 37 करने की मंजूरी दी थी। इसके लिए सरकार संसद में एक विधेयक प्रस्तुत करेगी और संबंधित कानून में संशोधन करेगी। संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत संसद के पास इस सुविधा का अधिकार है। नई संख्या के लागू होने के बाद, कॉलेजियम रिक्त पदों पर न्यू नियुक्तियों की सिफारिश कर सकेगा, जिससे न्यायालय की स्थापित क्षमता में सुधार होगा।

Source

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)